जम्मू कश्मीर के सुरक्षाबल आतंकियों की तलाशी जारी है। वहीं कुछ दिन पहले हंदवाड़ा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए कर्नल आशुतोष शर्मा की पत्नी पल्लवी का कहना है कि वह सेना में जाना चाहती हैं मगर यह सरकार की मंजूरी और उनकी उम्र पर निर्भर करता है। हालांकि उन्‍होंने अपनी बेटी तमन्‍ना के सेना में जाने की इच्‍छा को लेकर भी सकारात्‍मक रुख अपनाया है।

कुपवाड़ा जिले के तहत आने वाले हंदवाड़ा में शनिवार को कई घंटों तक चली मुठभेड़ में 21 राष्‍ट्रीय राइफल्‍स (आरआर) के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल आशुतोष शर्मा शहीद हो गए थे। पल्‍लवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह हमेशा से यूनिफॉर्म पहनना चाहती थी, लेकिन अब यह संबद्धित मंत्रालय पर निर्भर करता है। पल्‍लवी के शब्‍दों में, 'मैं सेना में जाना चाहती थी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। अगर मेरी उम्र मुझे मंजूरी देगी और मिनिस्‍ट्री की तरफ से मुझे छूट मिलती है, तो मैं जरूर सेना में शामिल होना चाहूंगी।' पति की शहादत के बाद पल्‍लवी को लोग साहस के नए प्रतीक के तौर पर बता रहे हैं। हंदवाड़ा के छांगीमुल्‍ला में शहीद कर्नल मूलरूप से उत्‍तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले थे। उनका परिवार राजस्‍थान के जयपुर में ही रहने लगा था। ऐसे में उनका अंतिम संस्‍कार जयपुर में हुआ।

हंदवाड़ा एनकाउंटर में लश्‍कर-ए-तैयबा का कमांडर हैदर और दो और आतंकी मारे गए। कर्नल शर्मा के घर में उनकी 12 साल की बेटी तमन्‍ना भी है और एक मई को ही उसका जन्मदिन था। साल 2018 और 2019 में वीरता पुरस्‍कार से सम्‍मानित होने वाले कर्नल शर्मा की बेटी पापा की लाडली थी। जब पल्‍लवी से पूछा गया कि क्‍या तमन्‍ना सेना में जाना चाहती है तो उनका जवाब सकारात्‍मकता से भरा था। पल्‍लवी ने कहा, 'जहां तक मेरी बेटी की बात है तो जो पिछले दो दिनों से वह कर रही है, उसे देखकर तो लगता है कि वह सेना में जाना चाहती है, लेकिन यह उसकी इच्‍छा पर है।' पल्‍लवी का कहना है कि वह चाहेंगी कि उनकी बेटी पहले एक अच्‍छी इंसान और देश की जिम्‍मेदार नागरिक बने।