गुरुवार का दिन भगवान विष्‍णु को समर्पित है और भगवान विष्‍णु माता लक्ष्‍मी के पति और इस सृष्टि के तारणहार हैं। उन्‍हें प्रसन्‍न करने का अर्थ है कि मां लक्ष्‍मी भी आप पर मेहरबान हो जाएंगी। भगवान विष्‍णु की प्रिय वस्‍तुओं में से एक है हल्‍दी। जो लोग गुरुवार का व्रत करते हैं वे भी भगवान विष्‍णु की पूजा हल्‍दी से करते हैं और हल्‍दी से उनका तिलक करते हैं। इस कारण से हल्‍दी का पौराणिक महत्‍व भी खास माना जाता है। आज हम आपको हल्‍दी से जुड़े 5 चमत्‍कारिक उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपकी तकदीर बदल सकते हैं। साथ ही गुरुवार को हल्‍दी का प्रयोग करने से आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति भी मजबूत होती है।

अगर आप गुरुवार को किसी शुभ कार्य के लिए जा रहे हैं तो पहले हल्‍दी का टीका गणेशजी को लगाएं और फिर हल्‍दी से अपने माथे पर तिलक लगाकर निकलें। ऐसा करने आपके काम में आ रही किसी भी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

आर्थिक संकटों को दूर करने और भगवान विष्‍णु को प्रसन्‍न करने के लिए गुरुवार को हाथ में हल्‍दी और अक्षत लेकर विष्‍णु सहस्‍त्रनाम का पाठ करें। सच्‍चे मन से यह कार्य करने और मन में अच्‍छा भाव रखने से आपको आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलेगी और आपके सभी कार्य बिना बाधा के पूरे होंगे।

अगर आप चाहते हैं आपके परिवार में खुशियां बनी रहें और आपके पति भी आपसे प्रसन्‍न रहें तो गुरुवार के दिन पूरे शरीर पर हल्‍दी का उबटन लगाएं। उसके बाद हल्‍दी मिले जल से स्‍नान करने से आपके जीवन में खुशहाली के साथ दांपत्‍य संबंधों में मिठास बढ़ती है।

गुरुवार के दिन हल्‍दी की साबुत पांच गांठ लेकर उसे लाल कपड़े में बांधकर पोटली बना लें और उसे अपने धन के स्‍थान पर रख देने से आपके घर में पैसों की कमी दूर होने लगेगी और मां लक्ष्‍मी आप पर मेहरबान हो जाएंगी। हर महीने इस हल्‍दी को किसी पवित्र स्‍थान पर गाढ़ दें और फिर दूसरी हल्‍दी की गांठें रख दें।