हज के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज एक्शन प्लान 2021 जारी किया है, जिसके तहत बिना मेहरम (पुरुष रिश्तेदार) हज यात्रा पर सऊदी अरब जाने वाली महिलाओं के लिए भी 500 सीटें आरक्षित की गईं है। महिलाओं को तीन-तीन के ग्रुप में रखा जाएगा। इसके लिए शनिवार से आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 10 दिसंबर है। कोरोना के प्रकोप को देखते हुए प्लान में कई महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं। 18 साल से कम और 65 साल से अधिक उम्र के लोग इस बार हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे।

हज कमेटी की वेबसाइट hajcommittee.gov.in पर आवेदन फॉर्म अपलोड कर दिया गया है। राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी जिलों के आवेदक सात नवंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

सहारनपुर से लोकसभा सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को पत्र लिखकर हज यात्रा के लिए जाने वालों को आयकर रिटर्न दाखिल करने की बाध्यता को खत्म करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है और सरकार की इस शर्त का असर गरीब मजदूरों पर पड़ेगा। सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि वर्ष 2019-20 के वित्तीय बजट में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा संसद में बजट पेश करते समय यह प्रावधान किया गया था कि हज यात्रा पर जाने के लिए हज यात्रियों को आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा।

इस प्रकार का प्रावधान इससे पूर्व भारत के इतिहास में न तो बना और न ही कभी लागू हुआ है और न ही ऐसा कोई प्रावधान इससे पूर्व किसी बजट में किया गया है। भारत सरकार को भेजे पत्र में कहा गया कि हज यात्रा इस्लाम धर्म के अनुयायियों के लिए उनके जीवन की अत्यन्त पवित्र यात्रा मानी गई है। इस्लाम धर्म का प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवनकाल में इस यात्रा को करने की इच्छा रखता है। जो व्यक्ति आर्थिक रूप से पिछड़े और कमजोर होते हैं, वह भी इस यात्रा को करने की आशा बनाए रखते हैं। उनकी नियमित रूप से ऐसी कोई आय के संसाधन नहीं होते कि वे अपनी आयकर विवरणी दाखिल कर सके।