हैदराबाद की एक 50 वर्षीय महिला के लिए सैलून जाना भारी पड़ गया है। बाल कटवाने से पहले महिला को बाल धोने के दौरान दौरा पड़ गया। महिला की डॉक्टर के अनुसार, बाल धोने के दौरान जब उसने अपनी गर्दन को पीछे झुकाय तभी स्ट्रोक पड़ा। मुरने के कारण मस्तिष्क को खून की आपूर्ति करने वाली एक महत्वपूर्ण रक्त वाहिका पर दबाव पड़ा।

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इस जानकारी को ट्विटर पर शेयर करते हुए हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने लिखा, "एक ब्यूटी पार्लर में अपने बालों को शैम्पू से धोने के दौरान महिला को शुरू में चक्कर आया, जी मिचलाने लगा और उल्टी का अनुभव हुआ।"

डॉक्टर ने लिखा कि शुरुआत में उसे एक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के पास ले जाया गया, जिसने उसका उपचार किया। लक्षणों में सुधार नहीं हुआ। अगले दिन चलने के दौरान उसे चक्कर आया महिला मेरे पास राय लेने के लिए आई। एमआरआई करने पर हाइपोप्लासिया का पता चला। उन्होंने कहा कि ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम का उपपचार किया गया। शैम्पू से बाल धोते समय गर्दन को वॉश-बेसिन की ओर मोड़ने का करण ऐस हुआ। इसके कारण बीपी हाई हो गई।

उन्होंने कहा, "ब्यूटी पार्लर में शैम्पू हेयर-वॉश के दौरान वर्टेब्रो-बेसिलर धमनी क्षेत्र को प्रभावित करने वाला एक स्ट्रोक हो सकता है। वर्टेब्रल हाइपोप्लासिया वाली महिलाओं में इसकी संभावना अधिक है। शीघ्र पहचान और उपचार से विकलांगता को रोक सकता है।"

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ब्यूटी पार्लर सिंड्रोम को 1993 में अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में डॉ. माइकल वेनट्राब द्वारा खोजा गया था। उन्होंने पांच महिलाओं में इसकी पहचान की थी। इन महिलाओं ने हेयर सैलून में शैंपू के बाद गंभीर न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकसित किए थे। शिकायतों में गंभीर चक्कर आना, संतुलन खोना और चेहरे का सुन्न होना शामिल था। पांच में से चार को स्ट्रोक का सामना करना पड़ा।