असम को पूर्वोत्तर का गेटवे कहा जाता है. प्राचीन इतिहास के अनुसार इस का नाम प्राग्ज्योतिषपुर के नाम से जाना जाता था. थाईलैंड की अहोम जाति द्वारा इस क्षेत्र पर कब्जा जमा कर अपना राज कायम करने के बाद से इसे असम या आसाम के नाम से जाना जाता है, इसलिए यहां थाई संस्कृति का असर देखने को मिलता है। 

असम का सब से बड़ा आकर्षण हरेभरे जंगल, चाय के बागान और विभिन्न प्रकार के वन्य जीवन हैं. असम राज्य पूर्वोत्तर के सभी राज्यों से क्षेत्रफल की दृष्टि में ज्यादा बड़ा है. पूर्वोत्तर के सभी प्रमुख राज्यों में यहीं से हो कर गुजरना होता है. इस की जीवनधारा मानी जाने वाली ब्रह्मपुत्र नदी इस के बीचोंबीच से हो कर निकलती है.

गुवाहाटी असम के पूर्वोत्तर राज्यों की वाणिज्यिक राजधानी है. असमिया में गुवा का अर्थ होता है अखरोट और हाटी का अर्थ बाजार. हिमालय पर्वतमाला के पूर्व में स्थित इस शहर को पूर्वोत्तर राज्यों का दरवाजा माना जाता है. गुवाहाटी की जलवायु सबट्रापिकल है. यहां गर्मियों में तापमान 22 से 39 डिगरी सेल्सियस और सर्दियों में 10 से 25 डिगरी सेल्सियस हो जाता है.

यहां कलाक्षेत्र म्यूजियम, उमानंद, गुवाहाटी तारामंडल, गुवाहाटी चिडि़याघर आदि देखने लायक हैं. यहां नगर भ्रमण के लिए सिटी बस एक अच्छा साधन है.

दर्शनीय स्थल

पोबितरा वन्यजीव अभयारण्य : भारत के पूर्वोत्तर राज्य के मारीगांव जिले में स्थित यह अभयारण्य गुवाहाटी से 50 किलोमीटर दूर नौगांव और कामरूप जिले की सीमा पर स्थित है. यहां जाने का सब से अच्छा समय नवंबर से मार्च के बीच है. पोबितरा मुख्य रूप से एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है. गैंडे के अलावा अन्य जानवरों जैसे, एशियाई बफैलो, तेंदुए, जंगली भालू आदि भी यहां के निवासी हैं.  गुवाहाटी से यहां आने के लिए कई निजी होटल बजट के अनुकूल होने के कारण लक्जरी प्रदानकरते हैं.

तेजपुर : गुवाहाटी से 180 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तेजपुर सोनितपुर जिले में स्थित है. तेजपुर का असम के इतिहास में प्रमुख स्थान है. यह असम के खूबसूरत शहरों में से एक गिना जाता है. तेजपुर असम का वह छोर है जिस के आगे से अरुणाचल प्रदेश आरंभ हो जाता है. यहां का अग्निगढ़ किला सब से सुंदर पर्यटन स्थल है. भोमोरागुरी में एक विशाल पत्थर पर उकेरा हुआ शिलालेख देखा जा सकता है. यहां से 65 किलोमीटर दूर ओरंग राष्ट्रीय उद्यान स्थित है जो 72 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां पूर्वोत्तर के मानसूनी मौसम का पर्यटक पूरा फायदा उठा सकते हैं.

काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क : 1940 में वन्यजीव अभयारण्य के तौर पर घोषित काजीरंगा पार्क एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है. तीनों एशियाई गैंडों में यहां पाया जाने वाला सब से बड़ा गैंडा देखने के लिए पर्यटकों की अच्छी- खासी भीड़ जुटती है. गुवाहाटी से 217 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह पार्क जोरहाट हवाई अड्डे से 96 किलोमीटर की दूरी पर है. इस का नजदीकी रेलवे स्टेशन फुरकटिंग है. यहां पर्यटन के लिए सब से उपयुक्त समय नवंबर से अप्रैल का माना जाता है. पर्यटकों के लिए यहां रहने के लिए वन विश्राम गृह, लाज, होटल उपलब्ध हैं. इस अभयारण्य को हाथी पर सवार हो कर देखा जाता है साथ ही जीप सफारी भी उपलब्ध हैं जिन्हें विभिन्न लाजों द्वारा बुक करवाया जाता है. 

हाफलांग : 680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हाफलांग एक पहाड़ी पर्यटन स्थल है. हाफलांग गुवाहाटी से 345 किलोमीटर दूर है. यहां बेहद खूबसूरत हाफलांग झील है. इस झील की खूबसूरती के कारण हाफलांग को असम का स्काटलैंड कहा जाता है. झील में नौकाविहार करना पर्यटकों को लुभाता है. इस झील के पास ही एक गरम पानी का सोता है जिस का अपना एक अलग आकर्षण है. हाफलांग में पैराग्लाइडिंग, ग्लाइडिंग और ट्रैंकिग की प्रमुख गतिविधियां भी चलाई जाती हैं.