जीएसटी परिषद ने शनिवार को कई कोविड-राहत वस्तुओं की दरों को मौजूदा 12 से 18 प्रतिशत के स्तर से घटाकर पांच प्रतिशत करने का फैसला किया। हालांकि वैक्सीन पर कर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वैक्सीन पर पहले की तरह की पांच प्रतिशत कर जारी रहेगा। जीएसटी परिषद की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि परिषद ने मंत्रिसमूह (जीओएम) की सिफारिशों के साथ जाने के लिए सहमति व्यक्त की है, जो शनिवार को परिषद में एकल बिंदु एजेंडा रहा।

उन्होंने कहा कि विभिन्न कोविड राहत चिकित्सा वस्तुओं पर कर की दर कम कर दी गई है, जबकि टीकों पर 5 प्रतिशत जीएसटी दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सीतारमण ने स्पष्ट किया कि वैक्सीन की दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने पर भी आम लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि टीकाकरण मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र उस पर एकत्र किए गए सभी कर का 75 प्रतिशत भुगतान करेगा और प्राप्त करेगा, जिसे आगे राज्यों के साथ वितरित किया जाएगा।

कोविड राहत उपायों के हिस्से के रूप में, जीएसटी परिषद की 44वीं बैठक में रेमडेसिविर इंजेक्शन पर जीएसटी दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत और मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन पर टैक्स 5 प्रतिशत निर्धारित कर दिया गया है। परिषद ने ब्लैक फंगस के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं की दरों को भी घटाकर शून्य स्तर पर ला दिया है। यानी ब्लैक फंगस की बीमारी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। विशेष शुल्क में कटौती 30 सितंबर, 2021 तक लागू रहेगी।

सीतारमण ने कहा कि हालांकि जीओएम ने अगस्त तक दरों में कटौती की सिफारिश की है, मगर परिषद ने इसे सितंबर के अंत तक रखने का फैसला किया है। इसके बाद फैसला किया जाएगा कि उन जरूरी वस्तुओं की दरों में कटौती को विस्तार दिए जाने की आवश्यकता है या नहीं। एक अन्य बड़े कदम में, एम्बुलेंस पर जीएसटी की दर पिछले 28 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दी गई है।