केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक में कोविड महामारी को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और इसमें 7 अहम फैसले लिए गए। उन्होंने बताया कि राज्यों को विदेश से कोविड रिलेटेड मेडिकल उत्पादों पर आयात में छूट देने का फैसला लिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फ्री कोविड रिलेटेड सप्लाई पर आईजीएसटी में 31 अगस्त तक छूट देने का फैसला किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि एक्सपोर्ट में छूट दी गई कैटेगरी में ब्लैक फंगस की दवा भी शामिल है। केंद्र सरकार 1.8 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। साथ ही जीएसटी काउंसिल कम्पेंशेसन सेस पर चर्चा के लिए एक स्पेशल सेशन बुलाएगी। इसी के साथ वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स के मोर्चे पर कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भी एनुअल रिटर्न फाइलिंग ऑप्शनल रहेगा।

- सूत्रों ने बताया कि सदस्यों ने केंद्र सरकार से कोविड से संबंधित मेडिसिन की जीएसटी में कटौती करने की मांग की है।

- काउंसिल सदस्यों की मांग है कि मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, पल्स ऑक्सीमीटर और कोविड टेस्टिंग किट पर लगने वाले जीएसटी को 12 प्रतिशत से कम करते 5 प्रतिशत किया जाए। केंद्र सरकार कोविड वैक्सीन पर 5 प्रतिशत रखने पर अड़ी हुई है।

- पंजाब, राजस्थान और पश्चिम बंगाल ने कोविड से संबंधित मेडिकल इक्विपमेंट्स पर 5 से 12 प्रतिशत के बीच जीएसटी लगाने पर कड़ी आपत्ति जताई। इन राज्यों की मांग है कि इन पर जीएसटी खत्म किया जाए।

राज्यों की मांग

- वित्त वर्ष 2020.21 के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति लोन की राशि को जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान के मद में समायोजित किया जाए।

- जीएसटी क्षतिपूर्ति देने की अवधि को 5 वर्ष के लिए बढ़ाकर वर्ष 2027 तक किया जाए। राज्यों के लिए जीडीपी के 4 प्रतिशत उधार लेने की सीमा को 5 प्रतिशत किया जाए।

- एक प्रतिशत अतिरिक्त उधार लेने की सीमा को बढ़ाकर 2 प्रतिशत किया जाए।

- वैक्सीन से टैक्स पूरी तरह हटे और कोविड रिलेटेड मेडिकल इक्विपमेंट्स पर जीएसटी की दरों मे कटौती की जाए।