नई दिल्ली. फ्लेक्सी फेयर से परेशान रेल यात्रियों को सरकार एक बहुत बड़ी राहत देने जा रही है. रेल मंत्रालय किराए के इस सिस्टम को अब हटाने जा रहा है. मंत्रलाय ने इसके लिए कमेटी गठित कर दी है जिसकी रिपोर्ट 30 दिनों में आ जाएगी।

एक साल से ज्यादा वक्त से लागू इस प्रणाली से रेलवे की आमदनी में बढ़ोतरी तो हुई हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है. इस फेयर सिस्टम के कारण अक्टूबर और नवंबर के बीच ट्रेनों में पांच हजार सीटें ख़ाली रह गई. सितंबर 2016 में 42 राजधानी, 46 शताब्दी और 54 दुरंतों ट्रेनों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत फ्लेक्सी किराया प्रणाली लागू किया गया था।

फ्लेक्सी फेयर के तहत 10 फीसदी सीटें भरने के बाद अगले 10 फीसदी सीटों के लिए किराए में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाती है. इस तरह से लगभग आधी सीटों के लिए यात्रियों केा 50 फीसदी तक अतिरिक्त किराया देना पड़ता है. जिससे कई बार राजधानी, शताब्दी ट्रेन का किराया उसी रूट पर हवाई यात्रा से भी महंगा हो जाता है।

अब रेलवे फ्लेक्सी फेयर की नए सिरे से समीक्षा कर रहा है और आने वाले एक से दो महीनों में रेलवे फ्लेक्सी फेयर हटाने के बारे में फैसला ले सकता है. इसकी पुष्टि करते हुए रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे ने प्रयोग के तौर पर दिल्ली-मुंबई के बीच नई राजधानी ट्रेन शुरू की है जो अन्य राजधानी के मुकाबले दो घंटे पहले ही पैसेंजरों को उनके डेस्टिनेशन तक पहुंचा देती है. इस ट्रेन में फ्लेक्सी फेयर लागू नहीं किया गया है इसलिए रेलवे इससे मिलने वाले रेवेन्यू का आकलन कर रहा है. इसके बाद फ्लेक्सी फेयर जारी रखने या न रखने पर फैसला लिया जाएगा।