आने वाले समय में आपकी टेक होम सैलरी कम हो सकती है। श्रम मंत्रालय ने एक ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसे मंजूरी मिलने का इंतजार है। अगर इस ड्राफ्ट को मंजूरी मिल जाती है तो ग्रैच्युटी की रकम को भी आपकी सीटीसी (कॉस्ट टू द कंपनी) में शामिल कर लिया जाएगा, इससे आपकी टेक होम सैलरी कम हो सकती है। बता दें कि अभी तक गै्रच्युटी ही एक एकमात्र ऐसी रकम है, जो कर्मचारी को नियोक्ता की तरफ से तोहफे
  के रूप में मिलती है।

एक समाचार पत्र में छपी खबर के अनुसार, श्रम मंत्रालय द्वारा सोशल सिक्योरिटी कोड के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट प्रपोजल में ग्रैच्युटी फंड बनाने का प्रस्ताव किया गया है, जिसके तहत कर्मचारी के मूल वेतन का दो फीसदी हिस्सा नियोक्ता ग्रैच्युटी फंड में डाला जाएगा। यदि यह प्रस्ताव मंज़ूर हो जाता है, तो जाहिर है, पीएफ में दिए जाने वाले अंशदान की तरह इसे भी नियोक्ता आपके सीटीसी का ही हिस्सा और आपकी टेक होम सैलरी घट जाएगी।मौजूदा व्यवस्था में कम से कम 10 कर्मियों वाली कंपनियों पर ग्रैच्युटी का नियम लागू होता है, जिसके तहत नियोक्ता को कम से कम पांच साल की नौकरी करने वाले प्रत्येक कर्मचारी को प्रत्येक संपूर्ण वर्ष के लिए 15 दिन का वेतन देना होता है। ग्रैच्युटी दरअसल नियोक्ता की तरफ से पांच साल की सेवाएं देने के लिए आभार व्यक्त करने का प्रतीक है और इसका आकलन मूल वेतन और महंगाई भत्ते को जोड़कर किया जाता हैसमाचारपत्र के मुताबिक, श्रम मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि यह प्रस्ताव फिलहाल आरंभिक स्तर पर ही है और इस पर ट्रेड यूनियनों से बातचीत की जानी बाकी है। जब इस प्रस्ताव पर ट्रेड यूनियनों के साथ सहमति बन जाएगी, तभी इसे लागू किया जाएगा। गौरतलब है कि ट्रेड यूनियनें ग्रैच्युटी के लिए पांच साल की सेवा की शर्त में ढील दिए जाने, यानी उस अवधि को घटाए जाने, और कम से कम 10 कर्मचारियों वाली कंपनियों पर ही इसे लागू करने की शर्त को खत्म करने की मांग करती रही हैं।