आरजेडी नेतृत्व वाले महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर फाॅर्मूला करीब-करीब तय हो चुका है़ फाॅर्मूला दो स्तरीय है़ फाॅर्मूले के तहत राजद अपने कोटे से वीआइपी व वाम दलों को सीटें देगा, जबकि कांग्रेस कोटे में निर्धारित सीटों में ही रालोसपा की हिस्सेदारी होगी। 

सूत्रों के मुताबिक राजद कोटे से तीनों साम्यवादी दल मसलन सीपीआइ, सीपीएम और भाकपा- माले को सीटें दी जा सकती हैं।  दो सीटें झारखंड मुक्ति मोर्चा और कुछ सीटें मुकेश सहनी नेतृत्व वाली वीआइपी दल को दी जाएंगी। 

आरजेडी ने अपने ही कोटे से बीएसपी और दूसरे छोटे -छोटे दलों के लिए भी कुछ सीटें रखी हैं, जिन्हें रणनीति के तहत महागठबंधन का हिस्सा बनाया जा सकता है़ इस तरह आरजेडी खुद करीब 130 से 135 सीटों पर उतर सकता है़। 

महागठबंधन का दूसरे बड़े दल कांग्रेस को अपने कोटे से रालोसपा को संतुष्ट करना है़ राजनीतिक जानकारों के मुताबिक दोनों बड़े दलों में इस बात पर सहमति है कि सीट का आवंटन का आधार दलों के पास विधानसभा क्षेत्र विशेष में उम्मीदवारी योग्य चेहरा होना चाहिए़। 

अगर किसी भी दल के पास क्षेत्र विशेष में जाना -पहचाना चेहरा नहीं है, तो उसे किसी भी सूरत में टिकट नहीं दिया जाएगा इस सिद्धांत के आधार पर कैडर शून्य पार्टियां राजद या कांग्रेस से मोलभाव करने की स्थिति नहीं हो पाएंगी। 

महागठबंधन के सूत्रधार लालू प्रसाद ने इस फाॅर्मूले को ही सीट बंटवारे का आधार बनाया है़ दरअसल राजद सुप्रीमो का मानना है कि आर-पार की लड़ाई में सिर्फ उम्मीदवार अहम होगा़ इधर, राजद सूत्रों ने दो टूक खंडन किया कि उनकी पार्टी से असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली पार्टी एआइएमआइएम से कोई बात हुई है़ राजद सूत्रों के मुताबिक ऐसा संभव ही नहीं है़।