जापान में युवाओं को शादी करने के लिए सरकार की तरफ से सवा चार लाख रुपए दिए जा रहे हैं। यहां पर ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि लोग शादी कर जल्द बच्चे पैदा करें और देश में तेजी से गिरती जा रही जन्म दर पर काबू पाया जा सके। इसके लिए सरकार अप्रैल से बड़े पैमाने पर इनाम देने का कार्यक्रम शुरू करने जा रही है।
पिछले साल जापान में ऐतिहासिक रूप से सबसे कम 8 लाख 65 हजार बच्चों का जन्म हुआ। जन्म की तुलना में मौत का आंकड़ा पांच लाख 12 हजार ज्यादा रहा। यह भी जन्म, मृत्यु में सबसे बड़ा अंतर है। सरकार काे उम्मीद है कि इस साल जन्मदर पिछले साल के 1.42% से कुछ अधिक 1.8% रहेगी। जापान की आबादी करीब 12.68 करोड़ है। जनसंख्या के हिसाब से जापान दुनिया का सबसे बुजुर्ग देश है।

यहां 100 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर जन्म दर की स्थिति यही रही तो यहां 2040 तक बुजुर्गों की आबादी 35% से ज्यादा हो जाएगी। इस अंतर को पाटने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर यह अभियान शुरू किया है।

योजना में शामिल होने के लिए सरकार ने कुछ शर्तें रखी हैं। जैसे जोड़े की उम्र 40 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए और दोनों की कुल कमाई 38 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसी तरह जिन जोड़ों की उम्र 35 साल से नीचे की होगी, उनकी कुल कमाई 33 लाख रुपए से अधिक न हो। उन्हें 2.11 लाख रुपए की मदद दी जाएगी।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन एंड सोशल सिक्योरिटी रिसर्च ने 2015 में एक सर्वे किया था। इसमें यह यह बात सामने आई कि 25-34 साल के करीब 30% अविवाहित लड़कों और 18% अविवाहित लड़कियों ने शादी न करने के फैसले की वजह धन की कमी को बताया।

यह इटली दूसरा ऐसा देश है, जहां तेजी से जन्म दर गिर रही है। यहां हर जोड़े को एक बच्चा होने पर सरकार की ओर से 70 हजार रुपए दिए जाते हैं।

यूरोपीय देश एस्ताेनिया में जन्म दर बढ़ाने के लिए नौकरी करने वाले को डेढ़ साल तक पूरे वेतन के साथ छुट्‌टी दी जाती है। साथ ही तीन बच्चे वाले परिवार को हर महीने 300 यूरो यानी करीब 25 हजार रुपए का बोनस मिलता है।

ईरान में यहां पुरुषों की नसबंदी पर पाबंदी है। यहां गर्भनिरोधक दवाएं उन्हीं महिलाओं को दी जाती हैं जिनको स्वास्थ्य कारणों से यह दवा लेना जरूरी होता है। ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले परिवार को अतिरिक्त राशन दिया जाता है।