मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को नवरात्रि में बड़ा तोहफा देते हुए महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने डीए में 4 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है और इसे 34 फीसदी से बढ़ाकर 38 फीसदी कर दिया गया है। ये बढ़ोतरी जुलाई से लेकर दिसंबर 2022 के लिए मान्य होगा। कर्मचारियों और पेंशनर्स को 38 फीसदी के हिसाब से महंगाई भत्ते और राहत का लाभ मिलेगा।

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इस फैसले से केंद्र सरकार के 47 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और अश्विनी वैष्णव ने इस बारे में जानकारी दी। इससे सरकारी खजाने पर 12,852 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इस साल 8,568 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। जानकारी के लिए बता दें कि अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI या AICPI) इस साल जनवरी और फरवरी में लगभग स्थिर रहा था, लेकिन मार्च, 2022 में इसमें बढ़ोतरी हुई थी, जिसकी वजह से माना जा रहा है कि केंद्र की सरकार एक बार फिर महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला कर सकती है।

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ऐसे में इस फैसले के बाद अभी अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 1,8000 रुपये है तो 34 फीसदी के हिसाब से उसे 6,120 रुपये डीए मिलता है। अगर डीए 38 फीसदी हो जाता है तो कर्मचारी को महंगाई भत्ते के तौर पर 6840 रुपये मिलेंगे। यानी उसे 720 रुपये अधिक मिलेंगे। यानी साल के हिसाब से 8,640 रुपये का फायदा होगा। इसी तरह अगर किसी सरकारी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 56,000 रुपये है तो 38 फीसदी के दर से महंगाई भत्ता 21,280 रुपये हो जाएगा। इसमें हर महीने 2240 रुपये और पूरे साल के हिसाब से 26,880 रुपये का फायदा होगा।