राजधानी के मध्य में स्थित प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर (padmanabhaswamy temple) एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और ज्यादातर सोने, चांदी और हीरे, के साथ दुनिया का सबसे अमीर मंदिर है, लेकिन हाल में ही इसने केरल सरकार (Kerala government) ने अपनी वित्तीय कठिनाइयों से निपटने के लिए एक आसान ऋण के लिए मदद मांगी है।

पद्मनाभस्वामी त्रावणकोर के शाही परिवार के संरक्षक देवता हैं। त्रावणकोर के महाराजा, मूलम थिरुनल राम वर्मा, मंदिर के ट्रस्टी हैं। परिवार के एक शीर्ष व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोविड महामारी (covid19) के बाद से चीजें उतनी अच्छी नहीं हैं। शीर्ष सूत्र ने कहा कि मंदिर की कमाई में गिरावट आई है और राज्य सरकार द्वारा 2 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है और यह एक ऋण है और इसे एक साल में वापस देना होगा।

मंदिर में स्थायी और अस्थायी दोनों तरह के लगभग 200 कर्मचारी हैं और एक बड़ी संख्या में पेंशन का भुगतान किया जाता है। मंदिर (padmanabhaswamy temple) पर लगभग एक करोड़ रुपये का मासिक खर्च होता है और आम तौर पर जब तक महामारी नहीं आती, तब तक मंदिर सक्षम था, लेकिन महामारी के बाद, चीजें खराब हो गईं और इसलिए मंदिर को मदद के लिए राज्य सरकार से संपर्क करना पड़ा।