पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देने और आम लोगों को हवाई यात्रा से जोड़ने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने असम से उमरांग्सू जलाशय, गुवाहाटी रिवर फ्रंट पर हवाई अड्डा बनाने जा रही है। असम के अलाव देश में 12 स्थानों को पानी पर हवाई अड्डा(वाटर एयरोड्रोम) बनाने के लिए चुना है। इसमें अधिकांश स्थान पर्यटन स्थल या अाईलैंड पर स्थित हैं।

इन हवाई अड्डों से सी-प्लेन उडान भरेंगे। यह जानकारी केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में दी है। असम में जिन दो जगहों पर पानी का हवाई अड्डा बनेगा उनमें उमारांग्सू जलाशय तथा गुवाहाटी रिवर फ्रंट है। इनके अलावा गुजरात रिवर फ्रंट है। इनके अलावा गुजरात में 4, उत्तराखंड में 1, महाराष्ट्र में 2, तेलांगना में 1, अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर 4 स्थानों पर पानी के हवाई अड्डे की स्थापना की जाएगी।


जिन स्थानों पर इन हवाई अड्डों की स्थापना की जाएगी उनमें गुजरात के स्टेच्यू आॅफ यूनिटी सरदार सरोवर बांध, साबरमती रिवर फ्रंट अहमदाबाद, धरोज बांध, शत्रुंजय बांध, उत्तराखंड का टिहरी बांध, महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले का इरई बांध,नागपुर का खिंडसी बांध, तेलांगना का नागार्जुन सागर, अंडमान निकोबार द्वीप समूह का लाॅग आईलैंड, नील आईलैंड(शहीद द्वीप) हैवलाॅक आईलैंड(स्वराज द्वीप), हटबे शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इन हवाई अड्डों के निर्माण के लिए नागर विमानन निदेशालय(डीजीसीए) ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।