चार करोड़ रुपए का अवैध सोना कथित रूप से डकारने वाले दिसपुर थाने के निलंबित उप निरीक्षक निपु कलित को आखिरकार कोर्ट से जमानत मिल गई है। गत 13 फरवरी को गिरफ्तार हुए उप-निरीक्षक निपुु कलित को 33 दिन बाद अदालत की ओर से जमानत याचिका मंजूर कर ली गई।
इस हाई प्रोफाइल मामले में महानगर पुलिस सबूतों के अभाव में अब तक आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई, जिसके चलते कथित करोड़ों का सोना हजम तथा असम पुलिस की छवि को दागदार करने वाले आरोपित अधिकारी को जमानत मिल गई। इस संदर्भ में महानगर के संयुक्त आयुक्त देवराज उपाध्याय ने कहा कि इस मामले में शामिल फरार हवलदार फैजुर तथा तीन अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है।
उनकी गिरफ्तारी के लिए महानगर पुलिस की टीम मणिपुर के दो स्थानों पर अभियान भी चला चुकी है। मगर उन्हें अभी तक सफलता नहीं मिली। ऐसे में पुलिस की जांच जारी है। हालांकि तस्करों के चंगुल से आरोपी अधिकारी द्वारा लिए गए चार करोड़ रुपए मूल्य के सोने के 60 बिस्कुटों का अब तक कोई अता-पता नहीं चल पाया है।
उल्लेखनीय है कि महानगर के दिसपुर थाने के एएसआई निपू कलिता पर करोड़ों का सोने लेकर फरार होने का आरोप लगाया गया था। एएसआई द्वारा करीब चार करोड़ रुपए मूल्य का सोना लेकर फरार होने से असम पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मचा गया था।
विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी पुलिस अधिकारी ने गत 15 जनवरी को जोराबाट के पास तस्करों से करीब चार करोड़ रुपए मूल्य का सोना जब्त किया था और पुलिस अधिकार निपू कलित इस जब्त सोने को लेकर लापता हो गया है।  उसके कुछ दिनों बाद ही एएसआई ने अपने आपको राज्य पुुलिस को हवाले कर दिया था।