केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 2022 तक देश के ग्रामीण इलाकों में सबके पास अपना घर होगा। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (पीएमएआई) के तीन साल पूरे होने पर तोमर ने कहा बताया कि इस योजना के तहत देश के विभिन्न भागों में 87 घर बन चुके हैं और 2022 तक 2.95 लाख घर बनवाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस लक्ष्य को पूरा करने के बाद 2022 तक ग्रामीण इलाकों में सबको आवास मुहैया करवाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना पूरा हो जाएगा।’’ इस अवसर पर उन्होंने पांच राज्यों-उत्तर प्रदेश, राजस्थान, असम, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़- में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के कुछ लाभार्थियों से नई दिल्ली स्थित दूरदर्शन के स्टूडियो से बातचीत की। इस बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि अधिकांश लाभार्थियों ने कहा कि पक्का घर मिलने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई है और उनके स्वाभिमान, सामाजिक दजे और जीवन-स्तर में सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना शुरू की थी।

तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश में सरकार बनने से पहले भी ग्रामीण इलाकों में गरीब लोगों के लिए एक आवास योजना थी, लेकिन लालफीताशाही के कारण उसका कार्यान्वयन काफी खराब था। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) के मार्गदर्शन में 20 नवंबर 2016 को आरंभ की गई पीएमएवाई-जी एक व्यापक योजना है जिसमें सभी घरों में पानी, गैस, शौचालय और बिजली आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं को शामिल किया गया है।’’ तोमर ने कहा, ‘‘पीएमएवाई-जी के तहत नई प्रौद्योगिकी के तहत घरों का निर्माण किया जा रहा है। घरों के निर्माण 2015-16 में जहां 314 दिन लगते थे वहां अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) का इस्तेमाल किए से 114 दिनों में इस योजना के तहत घरों का निर्माण होने लगा है।’’ उन्होंने कहा कि पीएमएवाईजी के तहत घर का न्यूनतम आकार भी बढक़र 25 वर्गमीटर हो गया है। तोमर ने कहा कि पीएमएवाई-जी के तहत विशेषज्ञों की मदद से घरों का डिजाइन टोपोलोजी के आधार पर किया जा रहा है।