मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने एनआरसी को लेकर राज्य के लोगों से संयम रखने और परेशान नहीं होने की बात कही।  उन्होंने अंतिम ड्राफ्ट एनआरसी में शामिल होने से वंचित वास्तविक भारतीय नागरिकों को केंद्र व राज्य सरकार की ओर से हर तरह की जरुरी मदद का भरोसा दिया है।

ग्वालापाड़ा जिले के दुधनै में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ये बात कही। सोनोवाल ने कहा कि आगामी 30 जुलाई को अंतिम ड्राफ्ट एनआरसी में किसी वास्तविक भारतीय का नाम नहीं होने से कतई चिंतित होने की जरुरत नहीं है। समाज में कुछ अराजक तत्व लोगों के बीच भय का वातावरण पैदा करने की कुचेष्टा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम ड्राफ्ट एनआरसी में किसी वास्तविक भारतीय का नाम नहीं हो ताे कोई बात नहीं। एेसे तमाम लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से एनआरसी में नाम शामिल कराने के लिए पूरा मौका मिलेगा। इस सिलसिले में केंद्र और राज्य सरकारें हर तरह की आवश्यक सुविधआएं मुहैया कराएंगी। इसलिए किसी भी तरह से परेशान होने या विदेशी ठहराए जाने की आंशका से ग्रस्त न हों।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने सुरक्षा संबंधी एक उच्चस्तरीय बैठक में भी कहा कि यदि किसी का नाम एनआरसी में नहीं आए तो उसे विदेशी नहीं माना जाए। इस बारे में सभी को समझना चाहिए और अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को एनआरसी में नाम शामिल करवाने के लिए दावा और आपत्ति करने के बारे में बताए। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी अधिकारियों को एनआरसी के अंतिम प्रारुप सूची के आधार पर किसी का भी नाम विदेशी ट्रिब्यूनल को भेजने से मना किया और कहा कि पुलिस को भी इस बात का निर्देश दिया जाना चाहिए कि एनआरसी की सूची के आधार पर किसी को परेशान नहीं किया जाए।