लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और बसपा के संस्थापक कांशीराम की स्मृति में निर्मित पार्कों का रखरखाव नहीं होने के कारण ये दलित प्रेरणा स्थल बदहाली के शिकार होने का मामला राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष उठाया है। मायावती ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर कहा कि डॉ. अंबेडकर और कांशीराम की स्मृतियों को अमर बनाये रखने के लिये डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन प्रेरणा स्थल और कांशीराम ग्रीन इको गार्डन, बौद्ध विहार, कांशीराम स्मारक स्थल और शांति उपवन सहित अन्य स्थल दलित प्रेरणा के केन्द्र के रूप में बनाये गये थे। 

उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर हर साल देश दुनिया के सैलानी आते हैं, किंतु बीते कुछ सालों में इन स्थलों के रखरखाव नहीं होने के कारण ये बदहाली के शिकार हो गये हैं। मायावती ने कहा कि दलित चेतना के इन प्रेरणा स्थलों की दयनीय हालत के लिये लापरवाह और गैरजिम्मेदार अधिकारियों खासकर दलित विरोधी मानसिकता वाले लोकसेवकों की उपेक्षात्मक सोच जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस उपेक्षा के कारण दन स्थलों पर गुंबद और दीवारों में दरार आ गयी है, पेड़ पौधे सूख रहे हैं और बिजली के बल्ब आदि खराब होने पर बदले नहीं जाते हैं। 

मायावती ने कहा कि बीते कुछ समय में खासकर 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के अवसर पर भारी संख्या में लोग इन स्थलों पर गये लेकिन इनकी दुर्दशा देखकर उन लोगों ने बसपा सुप्रीमो को इनकी बदहाली से अवगत कराते हुए अपना दुख साझा किया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस स्थिति का अवलोकन कर चुकी हैं और हालात दुरुस्त करने के लिये सरकार को पत्र भी लिखा था। मायावती ने इस विषय में योगी को लिखे अपने पिछले पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि इस पर पिछले साल कुछ कार्रवाई जरूर हुयी मगर मामूली रखरखाव के काम से स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। 

उन्होंने योगी को सुझाव दिया इन स्मारक स्थलों के रखरखाव के लिये कुल सृजित 7265 पदों में से 5261 पद पर कर्मचारी कार्यरत हैं, ऐसे में तत्काल प्रभाव से रिक्त पदों को भरा जाये। उन्होंने कार्यरत कर्मचारियों की मांगों पर भी शासन द्वारा संवेदनशीलता से विचार करने की मांग की, जिससे कर्मचारी अपनी पूरी क्षमता से काम कर सकें। साथ ही बसपा सुप्रीमो ने जन जन की आस्था का केन्द्र बन चुके इन स्मारकों के रखरखाव का काम भी व्यवस्थित रूप से शुरु कराने की मुख्यमंत्री योगी से मांग की है।