भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों से नए लॉन्च रोकने के लिए आदेश दिया है। सरकार ने ये फैसला देशभर में EV की बैटरी में आग लगने की वजह से लिया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राजधानी में एक बैठक के दौरान इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में बढ़ती आग लगने की घटनाओं पर चर्चा की। इस बैठक में ये फैसला लिया गया है कि जिन कंपनियों के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में आग लगने की कोई घटना नहीं हुई है, वे भी इस साल कोई ई-स्कूटर लॉन्च नहीं करेंगे।

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कंपनियों के साथ विचार-विमर्श के बाद एक अधिकारी ने कहा, "ईवी मैन्युफैक्चरर्स कंपनियों को मौखिक रूप से नए वाहनों को लॉन्च करने से मना कर दिया गया है, जब तक कि आग लगने के कारणों के बारे में स्पष्टता और उन्हें रोकने के लिए आवश्यक कदमों को मजबूत नहीं बनाया जाता है।" सभी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मैन्युफैक्चरर्स से कहा गया है कि अगर उस बैच में से कोई एक व्हीकल भी आग लगने की घटना में शामिल था, तो सभी वाहनों के पूरे बैच को स्वेच्छा से रिकॉल किया जाए।

जब ईवी में आग लगने के मामले एक के बाद एक सामने आने लगे तब सरकार ने ईवी कंपनियों के ऊपर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद कई कंपनियों ने अपने ईवी को रिकॉल किया। Okinawa ने 3,215 स्कूटरों वापस बुलाने के लिए रिकॉल जारी किया। प्योर EV ने भी 2,000 यूनिट्स को रिकॉल किया। वहीं, ओला इलेक्ट्रिक ने भी 1,441 स्कूटरों को वापस बुलाने के लिए रिकॉल किया है। कई दूसरी छोटी कंपनियां भी अपने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को रिकॉल कर रही हैं।

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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी कुछ दिन पहले इन घटनाओं की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाई है। यह कमेटी ना सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं के जांच करेगी, बल्कि इन हादसों को रोकने के लिए जरूरी सुझाव भी देगी। उन्होंने इन घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कंपनीज पर भारी जुर्माना लगाने की बात कही है।