इटानगर। अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गेगांग अपांग ने आज कहा कि देश की अर्थव्यवस्था  की रीढ समझें जाने वाले किसानो की समस्याओं का निराकाण केंद्र और राज्य सरकारों का मूल दायित्व होना चाहिए। 

मथुरा के  गोवर्द्धन से  दिल्ली जाते  समय श्री अपांग ने कल देर शाम यहा पत्रकारों से  कहा कि उनके मुख्यमंत्री काल  के दौरान किसी दैवीय आपदा आने पर किसान को सुविधा देने में कमी नहीं की जाती थी। आपदा से मरे  किसानों  के परिवारों को मुफ्त  राशन, नमक के साथ सुविधाओं का पिटारा खोल दिया जाता था।

उन्होंने कहा कि वे स्वयं किसान हैं इसलिए किसान की  परेशानियों को समझते हैं। देश की प्रगति का  रास्ता किसान की  मेहनत से होकर जाता है। इसीलिए उन्होंने अपने किसानो को अधिकतम सुविधाएं देने का प्रयास किया। 

उन्होंने अरुणाचल के उन स्थलों का भी जिक्र किया, जहां पर ग्रीन चाय का उत्पादन होता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सोसाइटी डोनी पोलो मिशन शिक्षा के क्षेत्र में वहीं अधिक काम का रही है बच्चों को न केवल मुफ्त  किताबें , पोशाक, खाना तथा निशुल्क  शिक्षा दी जा रही है बल्कि उनका शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने का समर्पित भाव से प्रयास भी किया जा रहा है।