छत्तीसगढ़ में कल से लाकडाउन के दौरान नमक की किल्लत होने की अचानक फैली अफवाह के बाद दूकानों पर इसकी खऱीद की मची होड़ एवं कालाबाजारी शुरू हो जाने के बाद राज्य सरकार ने इस अंकुश लगाने में पूरी ताकत झोंक दी है। राजधानी रायपुर,दुर्ग,भिलाई समेत कई शहरों में कल अफवाह फैल गई कि लाकडाउन की वजह से नमक की आपूर्ति बाधित हुई है,जिससे इसकी किल्लत होगी।


इसके बाद किराने की दुकानों पर इसकी खऱीद के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।मिली खबरों के मुताबिक कई स्थानों पर 40 रूपए से 100 रूपए किलो तक नमक बिक गया।तमाम दुकानों पर भारी भीड़ नमक के ही खऱीददारों की देखी गई। राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन ने इस अफवाह की जानकारी मिलते ही कदम उठाए पर फिर भी लोगो ने उस पर बहुत यकीन नही किया।राज्य शासन के निर्देश पर नापतौल विभाग ने आनन फानन में राज्य के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़ और अम्बिकापुर जिले की 276 संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। दो दुकानदारों पर मुकदमा भी दर्ज किया गया।


इसके बाद भी अफवाह पर पूरी तरह से अंकुश नही लगा। इस बीच खाद्य मंत्री अमरजीत ङ्क्षसह भगत ने आज जारी बयान में कहा है कि राज्य में कहीं नमक की कमी नही है। सभी जगह पर्याप्त मात्रा में नमक की उपलब्धता है। उन्होंने लोगों से कहा है कि नमक के संबंध में फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान नही दें।उन्होने कहा कि राज्य के खुले बाजार में प्रतिमाह लगभग 8 से 10 हजार टन के नमक की आवक होती है। लॉकडाउन के दौरान भी खुले बाजार में नमक की आवक निरंतर हो रही है।इसके साथ ही राशनकार्डधारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों से नि:शुल्क नमक प्रदान किया जा रहा है।