देशभर के बिजली ग्राहकों को कई अधिकार देने वाले 'द इलेक्ट्रिसिटी (राइट्स ऑफ कंज्यूमर्स) रूल्स: 2020' को नोटिफाई कर दिया गया है। अब ग्राहकों को 24 घंटे बिजली पाने का अधिकार मिल गया है। अगर बिजली कंपनियां तय वक्त से ज्यादा कटौती करती हैं तो उन्हें ग्राहकों को मुआवजा देना होगा। नोटिफिकेशन के साथ ही नए नियम लागू भी हो गए हैं।

पावर और न्यू एंड रिन्युएबल एनर्जी मिनिस्टर आरके सिंह ने कहा- अभी पूरे देश में बिजली कंपनियों की मोनोपॉली है। ग्राहकों के पास कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में ग्राहकों को अधिकार देने के लिए नए रूल्स और इनको लागू करने के लिए सिस्टम की जरूरत थी। अब बिजली कंपनियों की मोनोपॉली (एकाधिकार या मनमानी) खत्म हो जाएगी।नए इलेक्ट्रिसिटी रूल्स को लेकर बिजली मंत्रालय ने सितंबर में ड्राफ्ट जारी किया था। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इन रूल्स को लेकर 100 से ज्यादा सुझाव मिले थे। इन सुझावों को फाइनल रूल्स में शामिल किया गया है। इसमें कंज्यूमर्स का ध्यान रखा गया है।रूल्स में इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर्स को नए या मौजूदा कनेक्शन में मोडिफिकेशन, मीटरिंग अरेंजमेंट, बिलिंग और पेमेंट समेत कई अधिकार दिए गए हैं। अगर बिजली कंपनियां समय पर सर्विस मुहैया नहीं करातीं तो उन्हें ग्राहकों को मुआवजा देना होगा। यह मुआवजा सीधे ग्राहकों के बैंक खाते में जमा होगा। मुआवजा तय करने का जिम्मा रेगुलेटरी कमीशन को सौंपा गया है। बिजली कंपनियों को ग्राहकों को 24 घंटे सप्लाई देनी होगी। हालांकि, एग्रीकल्चर समेत कुछ खास तरह के कनेक्शन वाले ग्राहकों को कम सप्लाई मिलेगी।पावर सेक्रेटरी संजीव एन सहाई ने कहा- नए नियमों के तहत बिजली कंपनियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह कंज्यूमर की मांग के हिसाब से तय जगह पर सर्विस दें। कंपनियों को मेट्रो सिटीज में 7 दिन में नया कनेक्शन देना होगा। म्युनिसिपल एरिया में यह अवधि 15 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिन होगी।