प्रधानमंत्री आवास योजना (शहर) के तहत शहरी इलाकों में सबसे लिए आवास उपलब्ध कराने को लेकर राज्य में सरकारी स्तर पर कोई खास प्रचार प्रसार नहीं दिख रहा है और न ही लोगों को इस बारे में कोई जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। इस योजना को लागू कराने को लेकर अब तक जो कुछ हुआ है वह सिर्फ बैठकों और कागजी दस्तावेजों तक ही सीमित है। 

प्रधानमंत्री इस महत्वपूर्ण योजना को लागू करने को लेकर राज्य मे खासकर गुवाहाटी में सरकार की गतिविधियों जैसी होना चाहिए, वैसे अब तक सामने नहीं आई है। मालूम हो कि इस योजना के तहत अन्य जगहों से शहरी इलाकों में आजीविका के लिए सालों से किराए के मकान में रहने को मजबूर उन भूमिहीन लोगों को बसाया जाएगा, जिनकी मासिक आमदमी 25 हजार रुपए तक ही सीमित है। 

हालांकि मिडल इनकम ग्रुप (मासिक आय 50 हजार से 1 लाख तक तथा एक लाख से लेकर डेढ़ लाख) में पडऩे वाले लोगों के लिए भी इस योजना को लागू किया गया है। चार कैटेगरी में इस योजना को लागू करने के दिशा निर्देश है। इन सूटी स्लम रिहेबिलिटेशन, क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम, अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिपऔर चौथी कैटेगरी में बेनिफिसियेरी लेड कंस्ट्रक्शन न्यू कंस्ट्रक्शन और बीएलसी एनहेंसमेंट। मिली जानकारी के अनुसार इस योजना को राज्य में लागू करने को लेकर अभी तक सिर्फ कागजी कार्रवाई ही हो रही है। मुख्य सचिव वीके पिपरसेनिया की अध्यक्षता में विगत पांच जून को जनता भवन में एक बैठक हुई थी। जिसमें योजना से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। कुल मिलाकर योजना अभी तक सरकारी फाइल से जमीन पर नहीं उतरी है।