देश में किसानों का कर्ज माफ करने के बारे में केंद्र सरकार विचार नहीं कर रही है। लोकसभा में सोमवार को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने कहा कि केंद्र ने 'कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना (अवार्ड्स), 2008' के बाद से कोई कृषि कर्ज माफी योजना लागू नहीं की है। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री ने कहा, 'देश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों सहित किसानों का कर्ज माफ करने का भारत सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।'

उन्होंने किसानों के कर्ज के बोझ को कम करने और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों सहित कृषि में लगे लोगों के कल्याण के लिए सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।

मंत्री ने तीन लाख रुपये तक के अल्पकालिक फसल ऋण के लिए ब्याज सहायता, रिजर्व बैंक के गिरवी या रेहन-मुक्त कृषि ऋण की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.6 लाख रुपये करने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की प्रत्यक्ष आय सहायता जैसी योजनाओं का हवाला दिया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक अति महत्वाकांक्षी योजना है। इस स्कीम के तहत सरकार पात्र किसानों को हर वित्त वर्ष में 6,000 रुपये की रकम नकद सहायता के तौर पर उपलब्ध कराती है। सरकार तीन बराबर किस्तों में किसानों के खातों में यह नकद सहायता डालती है। इस स्कीम के तहत अब तक आठ किस्त किसानों को भेजे जा चुके हैं। नौवीं किस्त अगस्त से नवंबर के बीच किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। 

इस योजना के लिए कोई भी पात्र किसान पीएम किसान की वेबसाइट से अप्लाई कर सकता है। इसके साथ ही आवेदन की स्थिति की जानकारी भी वेबसाइट से ली जा सकती है।