सुपर कारिडोर पर रियायती दरों में वेशकीमती जमीन लेने के बावजूद 50 फीसद मध्य प्रदेश के लोगों को रोजगार नहीं देने पर प्रशासन ने आईटी कंपनी टीसीएस और इंफोसिस को नोटिस दिया है। कंपनियों को तय समयावधि में परिसर में 10 लाख वर्गफीट निर्माण भी करना था, लेकिन एक तिहाई पर ही काम हुआ।  प्रशासन ने दोनों कंपनियों को 23 जुलाई तक दिए गए रोजगार की जानकारी देने के लिए कहा है। 

गौरतलब है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान पिछले दिनों जब इंदौर आए थे तो उन्होंने कहा था कि टीसीएस और इंफोसिस ने जमीन तो खूब ले ली, लेकिन मध्य प्रदेश के लोगों को रोजगार बहुत कम दिया। कंपनियों द्वारा रोजगार न देने से सीएम शिवराज नाखुश थे, उन्होंने कहा था की कंपनियों ने से 4-5 हजार लोगों को ही रोजगार , दिया। 

सुपर कारिडोर पर इंफोसिस को 130 एकड़ जमीन दी गई थी। शासन ने 13 हजार प्रदेशवासियों को रोजगार देने की शर्त रखी थी, लेकिन रोजगार मिला सिर्फ 672 लोगों को।  टीसीएस कंपनी को भी 15 हजार लोगों को रोजगार देना था, लेकिन साढ़े चार हजार लोगों को ही रोजगार दिया। 

सुपर कारिडोर पर दोनों कंपनियों को कुल 230 एकड़ जमीन दी थी।  कंपनियों की मांग पर इंदौर विकास प्राधिकरण ने नर्मदा लाइन भी बिछाई थी।  एसइजेड स्वीकृत कराकर कंपनियों ने अन्य रियायतें भी ली थी।  प्राधिकरण ने किसानों से जमीन लेकर आईटी विभाग को हस्तांरित की थी।  इसके बाद विभाग ने दोनों कंपनियों को जमीन दी थी।