मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को 12 प्रतिशत की दर से मिलने वाला महंगाई भत्ता और राहत को 1 जुलाई 2021 से 5 प्रतिशत बढ़ाकर 17 प्रतिशत करने की घोषणा की है. 

राज्य के लगभग 4 लाख शासकीय सेवकों एवं 1 लाख 25 हजार पेंशनर्स को इसका लाभ प्राप्त होगा. इस वृद्धि के अब राज्य शासन पर कुल वार्षिक व्यय भार 1020 करोड़ रूपए आएगा. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल से सकारात्मक चर्चा के बाद यह घोषणा की.

सीएम बघेल ने चर्चा के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के बकाया एरियर्स की मांग का परीक्षण कराकर शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया. सीएम बघेल ने कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों की बाकी मांगों का परीक्षण कराने के लिए प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी. इस दौरान मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू भी उपस्थित थे.

गौरतलब है कि मार्च 2020 से अभी तक वैश्विक महामारी कोविड-19 के व्यापक संक्रमण के कारण पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है, जिससे देश एवं राज्य भी प्रभावित हुए हैं. 

बीते डेढ़ वर्षों में राजस्व संग्रहण में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने तथा इस आपदा काल में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों, किसानों, मजदूरों एवं अन्य प्रभावित वर्गों को आर्थिक सहायता, कोविड-19 के उपचार के लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना के उन्नयन एवं आवश्यक दवा, सामग्री आपूर्ति सुनिश्चित करने राज्य सरकार द्वारा सीमित संसाधनों से प्राथमिकता पर व्यवस्था सुनिश्चित की गई. इन सबके कारण राज्य के संसाधनों पर अत्यधिक दबाव रहा है.;