केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते केंद्रीय कर्मचारियों और पेशनरों के महंगाई भत्ते पर जून 2021 तक रोक लगा दी है और वर्तमान दरें जून 2021 तक जारी रहेंगी। इस संबंध में वित्त मंत्रालय की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन में यह जानकारी दी गई है।

यों समझें फैसला...

-केंद्रीय कर्मचारियों और पेशनरों के एक जनवरी, 2020 से बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

-इसी क्रम में एक जुलाई, 2020 और एक जनवरी, 2021 से देय महंगाई भत्ते का भुगतान भी नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों और पेंशनरों को वर्तमान दरों पर महंगाई भत्ते का भुगतान जारी रहेगा।

-एक जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2020 में होने वाली बढ़ोतरी एक जुलाई, 2021 से दी जाएगी, लेकिन एक जनवरी, 2020 से लेकर 30 जून, 2021 तक का कोई बकाया महंगाई भत्ता नहीं दिया जाएगा।

डीए की तीन किस्तों से धोना पड़ेगा हाथ

वित्त मंत्रालय सूत्रों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के इन भत्तों को फ्रीज करने से वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-2022 में सरकार को कुल 37530 करोड़ रुपए की बचत होगी। इसका मतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए की तीन किस्तों से हाथ धोना पड़ेगा। अब उन्हें डीए की अगली किस्त 1 जुलाई 2021 के बाद ही मिलेगी।

1.13 करोड़ परिवारों पर होगा असर

सरकार के इस फैसले से केंद्र सरकार के करीब 48 लाख कर्मचारी और 65 लाख पेंशनर प्रभावित होंगे। मतलब कि कुल मिलाकर एक करोड़ 1.13 करोड़ परिवार इस फैसले की जद में होंगे। आमतौर पर केंद्र सरकार के डीए को ही राज्य सरकारें भी लागू करती हैं। इसलिए माना जा रहा है कि जब केंद्र सरकार ने इन भत्तों को फ्रीज कर दिया है, तो राज्य सरकार भी अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए ऐसा ही करेंगे। केंद्रीय कर्मचारियों को साल में दो बार महंगाई भत्ता दिया जाता है। पहला हर साल एक जनवरी को जबकि दूसरा भत्ता हर साल एक जुलाई को देय होता है। सरकार ने जो अवधि तय की है उसमें तीन किस्त शामिल होंगी।