आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) सरकार ने शुक्रवार 7 जनवरी को अपने कर्मचारियों की सैलरी (Salary) में 23.29 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया। इसके साथ ही आंध्र सरकार ने कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र (Retirement Age) भी 60 साल से बढ़ाकर 62 वर्ष वर्ष कर दी।

इससे पहल मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने (Y S Jagan Mohan Reddy) लगातार दूसरे दिन विभिन्न एंप्लॉयी एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। इसी के बाद उन्होंने कर्मचारियों के वेतन बढ़ाने और अन्य कदमों की घोषणा की। इसके अलावा जगन मोहन रेड्डी ने कर्मचारियों के साथ अन्य लंबित मुद्दों का इस साल 30 जून तक समाधान निकालने का वादा किया।

जगन ने एंप्लॉयी एसोसिएशनों को बताया कि वेतन में यह बदलाव एक जुलाई 2018 से प्रभावी होगा, जबकि इससे जुड़े मॉनिटरी लाभों का भुगतान एक अप्रैल 2020 से किया जाएगा। बढ़े हुए वेतन के साथ नई सैलरी एक जनवरी 2022 से लागू किया जाएगा। सरकार की तरफ से जारी बयान के मुताबिक इस कदम से सरकारी खजाने पर सालाना 10,247 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने एंप्लॉयी एसोसिएशनों से कहा कि बकाया महंगाई भत्ते (DA) का भुगतान जनवरी के वेतन के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही प्रोविडेंट फंड, इंश्योरेंस, लीव इनकैशमेंट और अन्य लंबित भुगतानों को अप्रैल तक पूरी तरह से मंजूरी दे दी जाएगी।

अंशदायी पेंशन योजना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक कैबिनेट उप-समिति इस पर विचार कर रही है और 30 जून तक अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा, जो कर्मचारियों की स्वास्थ्य योजना से जुड़ी समस्याओं को देखेगी और उसके लिए समाधान खोजेगी।