असम में अवैध घुसपैठ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए केंद्र और राज्य सरकार एक स्वर में काम कर रही है। राज्यपाल जगदीश मुखी ने शनिवार को अपने गणतंत्र दिवस संबोधन में यह बात कही।


यहां खानापारा क्षेत्र स्थित वेटरनरी कॉलेज के मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए उन्होंने कहा, 'सरकार राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के लिए प्रतिबद्ध है।'


उन्होंने कहा, 'सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों व निगरानी के अंतर्गत एनआरसी का एक मसौदा पहले ही प्रकाशित किया जा चुका है और राज्य प्रशासन इसके उद्देश्यों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है।'


असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में क्षेत्र के आठ आतंकी संगठनों द्वारा बहिष्कार के आह्वान के बावजूद गणतंत्र दिवस मनाया गया। इन संगठनों में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) का वार्ता विरोधी धड़ा और कोरकोम बैनर तले मणिपुर के छह संगठन शामिल हैं।


उन्होंने असम समझौते के छठे खंड का भी उल्लेख किया और इसे समझौते की आत्मा करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य स्वदेशी लोगों के राजनीतिक अधिकारों की सुरक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।


राज्यपाल ने कहा, 'हम सतर्क हैं और हम समझौते में पहले से शामिल अन्य जनजातीय समुदायों को प्रभावित किए बिना छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में लाने को सुनिश्चित करेंगे।'


मुखी ने राज्य सरकार की उपल्बधियों को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाई) के तहत 33,229 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया है।


उन्होंने कहा, 'सरकार महिला सशक्तीकरण की ओर भी कार्य कर रही है और उसने कनकलता महिला सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत 1.13 लाख स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता दी है।'


उन्होंने कहा, 'सरकार ने 2018-19 में स्कूल की बुनियादी सुविधाओं के उन्नयन के लिए 980 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों के विकास के लिए 667 करोड़ रुपये निश्चित किए हैं।' राज्यपाल ने कहा कि राज्य ने दो अक्टूबर तक खुले में शौच से मुक्त होने का लक्ष्य रखा है।