पंजाब कैबिनेट ने छठे वेतन आयोग की ज्यादातर सिफारिशों को मंजूरी दे दी है।  इनको 1 जुलाई 2021 से लागू करने और 1 जनवरी 2016 से अमल में लाने का भी फैसला किया गया है।  इससे राज्य के 5.4 लाख सरकारी कर्मचारियों और सेवामुक्त कर्मचारियों को बड़ा लाभ पहुंचेगा। 

मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की. छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 6950 रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 18000 रुपए प्रतिमाह हो जाएगा।  वेतन और पेंशन पिछले वेतन आयोग की सिफारिशों के मुकाबले इस बार 2.59 गुना बढ़ जाएंगे और सालाना इंक्रीमेंट 3 प्रतिशत मिलेगा जिससे सभी मौजूदा कर्मचारियों के वेतनमान पड़ोसी राज्य हरियाणा से अधिक हो जाएंगे। 

छठे वेतन आयोग के लागू होने से सुधारे हुए ढांचे के मुताबिक न्यूनतम पेंशन 3500 रुपए प्रति माह से बढकर 9000 रुपए प्रतिमाह हो जाएगी और न्यूनतम फैमिली पेंशन बढ़कर 9000 रुपए प्रति माह हो जाएगी।  नये ढांचे के अंतर्गत तलाकशुदा /विधवा बेटी भी फैमिली पेंशन के लिए योग्य होगी और फैमिली पेंशन के लिए आय का योग्यता पैमाना 3500 रुपए जमा डी.ए. से बढ़ाकर 9000 रुपए जमा डीए प्रतिमाह कर दिया गया है। 

1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक नेट एरियर की अनुमानित राशि करीब 13800 करोड़ रुपए बनती है।  बता दें कि पंजाब सरकार द्वारा 2017 से कर्मचारियों को 5 प्रतिशत अंतरिम राहत पहले ही दी जा रही है।  साल 2016 के लिए कर्मचारियों और पेंशनरों के मूल बकाए की अनुमानित राशि 2572 करोड़ रुपए बनती है जोकि दो समान किस्तों में अक्टूबर 2021 और जनवरी 2022 में दी जाएगी।  सरकार ने 1 जुलाई 2021 से पेंशन की कम्यूटेशन 40 प्रतिशत तक बहाल करने को भी मंजूरी दे दी है। 

रिटायरमेंट ग्रैच्युटी को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया गया है।  इसके अलावा एक्स ग्रेशिया अनुदान की मौजूदा दरें दोगुना कर दी गई हैं।  मौत कम रिटायरमेंट ग्रैच्युटी और एक्स ग्रेशिया को नयी पेंशन स्कीम के अंतर्गत आते कर्मचारियों को भी प्रदान करने का फैसला किया गया है।