पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग क्षेत्र को अलग करके पृथक गोरखालैण्ड राज्य के गठन की मांग को लेकर गोरखालैण्ड जनमुक्ति मोर्चा के महासचिव रोशन गिरि की अगुवाई में एक गोरखा प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की। 

गिरि एवं प्रतिनिधिमंडल ने संसद भवन परिसर में दार्जिलिंग के सांसद एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री एस एस आहलूवालिया से मुलाकात की और मांग की कि पश्चिम बंगाल प्रशासन पक्षपात पूर्ण ढंग से आंदोलन को दबाने के लिये दमनात्मक कार्रवाई कर रहा है। इसलिए केन्द्र सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करने की जरूरत है। 

उन्होंने सरकार ने यह भी आग्रह किया कि संसद के मानसून सत्र में ही उसे गोरखालैण्ड के गठन को लेकर विधेयक लाना चाहिये। गोरखा प्रतिनिधिमंडल ने समाजवादी पार्टी एवं बहुजन समाजपार्टी के नेताओं से भी भेंट की है तथा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है। उनका कहना है कि वे कुछ दिन दिल्ली में ही रुकेंगे और अन्य राजनीतिक दलों से भी मिलकर गोरखालैण्ड के गठन के लिये समर्थन जुटायेंगे।