गोरखनाथ मंदिर में पीएसी जवानाें पर हमला करके के आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी की असली सच्चाई अब सामने आ रही है। एटीएस ने उसको लेकर जांच तेज कर दी है। मुर्तजा की जन्म कुंडली खंगालने के लिए एटीएस की टीम उसके ससुराल जौनपुर भी पहुंची, जहां उसकी पत्नी से पूछताछ की गई। इससे पहले जांच टीम ने मुर्तजा अब्बासी के घर पर भी छानबीन की, जहां उन्हें एयरगन मिली। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से वह घर में ही छत और खाली जगह पर एयरगन से निशानेबाजी सीख रहा था।

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बताया गया है कि मुर्तजा अब्बासी की शादी 2019 में नगर के सब्जी मण्डी निवासी मुजफ्फरूल हक की बेटी उम्मे सलमा उर्फ शादमा के साथ हुई थी। जांच टीम को मुजफ्फरूल हक ने बताया कि मेरी बेटी की शादी 1 जून 2019 में मुर्तजा अब्बासी के साथ हुई थी, लेकिन उसकी सास मेरी बेटी को परेशान करती थी। इस लिए हम शादी के कुछ ही दिन बाद सितम्बर 2019 को बेटी को वापस अपने घर बुला लिया।

मुर्तजा की पत्नी उम्मी सलमा ने आतंकी संगठन से मुर्तजा के सम्बंध के सवाल पर कहा, मेरे समय में कुछ भी नहीं था। उनकी मम्मी मुझे परेशान करती थीं। वह मेरे साथ बहुत कम बात करता था। जाकिर नाइक का वीडियो देखने के सवाल पर सलमा ने कहा मेरे सामने तो कभी जिक्र नहीं किया लेकिन कभी-कभी वीडियो देखते थे। मम्मी कभी-कभी परेशान करती थी।

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आपको बता दें कि अहमद अब्बासी पर मंदिर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमले के मामले में दो केस दर्ज हुए हैं। पहला केस गोरखनाथ थाने के इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह ने crime no 60/2022, लूट, हत्या का प्रयास, 7CLA की धारा में दर्ज करवाया। दूसरा केस मंदिर की सुरक्षा में तैनात पीएसी के हेड कान्स्टेबल विनय कुमार मिश्रा ने दर्ज करवाया।

पुलिस का कहना है कि आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी के पास से एक नहीं तीन धारदार हथियार मिले थे। अहमद दो बांका और एक चाकू लेकर अंदर घुसा था। उसने एक बांके से हमला किया था। दूसरा बांका और चाकू बैग में छुपा कर रखे थे। मुनीर अब्बासी ने कहा, 'यह सब भाग्य है, नियति है जो इसको बीमारी होनी थी। हम तो अब किसी से शिकायत भी नहीं कर सकते हैं उसकी जान बच गई यही काफी है। हम कैसे मान लें कि वह आतंकी हो गया, आतंकी होता तो बंदूक लेकर जाता। वह किसी और के बहकावे में नहीं अपने दिमाग के बहकावे में था, जो मानसिक रोगी है।'