उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न सिर्फ उत्तर प्रदेश में बल्कि भारत के कई अन्य राज्यों में भी उतने ही लोकप्रिय हैं। यह हम नहीं कह रहे बल्कि गूगल ट्रेंड्स कुछ यही कहानी बयां करते हैं। गूगल ट्रेंड्स के मुताबिक योगी आदित्यनाथ पूरे देश में पूर्व और वर्तमान मुख्यमंत्रियों में से सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले नेता हैं। यही नहीं वह पिछले एक साल से नंबर वन पोजिशन में हैं। यह ट्रेंड उस समय चर्चा में आया जब भाजपा ने हाल ही में योगी को मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में होने वाले चुनाव के लिए स्टार प्रचारक के रूप में चुना है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि योगी आदित्यनाथ इन राज्यों में कितनी रैलियों और जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

ट्रेंड के मुताबिक योगी को लेकर 70 फीसदी सर्च हुए हैं जिसमें से ज्यादातर राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में योगी के बारे में यूजर्स ने खोजा। इनमें यूपी, त्रिपुरा, दादर नगर हवेली और नागालैंड शामिल हैं। हालांकि आईटी विशेषज्ञों का कहना है कि गूगल ट्रेंड केवल योगी को कितनी बार सर्च किया गया सिर्फ यह बताते हैं। एक एक्सपर्ट के मुताबिक गूगल ट्रेंड किसी शख्सियत की लोकप्रियता का पैमाना नहीं होते हैं। यूपी में भाजपा के प्रवक्ता चंद्र मोहन बताते हैं कि योगी की लोकप्रियता उनकी कार्यशैली की वजह से हैं। वह कहते हैं कि उनकी लोकप्रियता न सिर्फ उत्तर पूर्व राज्यों बल्कि केरल जैसे सुदूर दक्षिण राज्यों में भी है।


आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ को इससे पहले के चुनाव में भी भाजपा स्टार प्रचारक के रूप में चुन चुकी है। कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, गोवा और त्रिपुरा में योगी की लोकप्रियता भाजपा के भगवा मैस्कट के रूप में उभरी थी। ट्रेंड के मुताबिक गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी योगी आदित्यनाथ सभी भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लोकप्रियता के मामले में काफी आगे हैं। उन्होंने इस मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,गुजरात के सीएम विजय रुपाणी, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर को भी पीछे छोड़ दिया है।


वहीं भाजपा के सूत्र इसके पीछे नाथ संप्रदाय की वजह मानते हैं जिससे योगी आदित्यनाथ ताल्लुक रखते हैं। ट्रेंड में योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के दो क्षेत्रीय दिग्गज सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीएसपी सुप्रीमो मायावती से भी आगे नजर आते हैं जबकि मायावती खुद सोशल मीडिया से दूर रहती हैं लेकिन उनके समर्थक सोशल मीडिया पर कैंपेन लॉन्च करके उनकी लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश करते रहते हैं। वहीं अखिलेश यादव सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव हैं और मुद्दों पर अपनी राय रखते रहते हैं।