आधुनिक विज्ञान बहुत ही आगे बढ़ गया है। आज के समय में कृत्रिम इंसानी अंग बनाए जा रहे हैं। इन अंगों को इंसानों के शरीर मे फिट भी किया जा रहा है और सफल हो रहे हैं। लेकिन विज्ञान बहुत ही एडवांस हो गया है लेकिन दिमाग के मामले में अभी भी बहुत ही पीछे हैं। बड़े बड़े वैज्ञानिक दिमाग को अभी तक पूरा नहीं जान पाए हैं। इंसान के दिमाग बहुत जटिल है। वैज्ञानिक इसके बारे में  खोज करते रहते हैं।


गूगल कंपनी का इंसानी दिमागी नक्शा


बता दें कि आज तक पूरे दिमाग का नक्शा या उसके काम करने की बारीक जानकारी किसी भी वैज्ञानिक के पास नहीं है। कई शोध हुए हैं लेकिन अभी तक दिमाग का पूरा नक्शा किसी के पास नहीं हैं। इस अध्ययन को कुछ हद तक आसान बनाने के लिए दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल कंपनी ने इंसानी दिमाग के एक हिस्से का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा बनाया है।


न्यूरॉन्स का आपसी कनेक्शन


गूगल कंपनी ने इंसानी दिमाग में उसके अंदर के न्यूरॉन्स, उनका आपसी कनेक्शन तक बारीकी से दिख रहा है। इसमें बताया गया है कि एक न्यूरॉन्स से करीब 4000 नर्व फाइबर जुड़े होते हैं। दावा नहीं किया गया है लेकिन बताया गया है कि इस मैप की बदौलत न्यूरोसाइंटिस्ट्स को काफी मदद मिल सकती है। बता दें कि गूगल ने दिमाग के एक बेहद छोटे हिस्से का नक्शा बनाया, जिसमें 50 हजार कोशिकाएं थीं।

थ्री-डायमेंशनल नक्शा


नक्शा थ्री-डायमेंशनल बनाया गया है। ये सारी तंत्रिका कोशिकाएं आपस में करोड़ों बारीक टेंड्रिल्स के जाल से जुड़ी रहती हैं। इन ट्रेंडिल्स की वजह से 13 करोड़ कनेक्शन बने थे, जिन्हें सिनैप्सेस कहते हैं। इस छोटे से हिस्से के नक्शे का डेटा 1.4 पेटाबाइट्स यानी आम कंप्यूटर की स्टोरेज कैपेसिटी से 700 गुना ज्यादा। अंदाजा लगा सकते हो कितनी बड़ा डेटा स्टोरेज है इंसानी दिमाग का।