अफगानिस्तान में एकबार फिर से तालिबानियों का शासन आ गया है। अफगानिस्तान की धरती पर जारी संकट के बीच भारत की सुरक्षा एजेंसियां और चौकन्ना हो गई है। अफगानिस्तान में उभरे राजनीतिक संकट के बीच भारत को कई मोर्चे पर सतर्क रहना पड़ेगा। वहां के मौजूदा हालत के कारण दोनों देशों के बीच सामरिक के अलावा व्यापारिक रिश्तों पर भी असर पड़ सकता है।

तालीबानियों के कब्जे के बाद दोनों देशों के बीच कई साल से जारी दोस्ती में दरार आने की आशंका बनी हुई है। दोनों देशों के बीच पिछले कई साल से व्यापारिक रिश्ते रहे हैं ऐसे में लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।

मौजूदा वक्त को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात पर भी काफी असर पड़ सकता है। ऐसे में हमारे लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि भारत अफगानिस्तान से किन चीजों का आयात करता है और वहां के लिए किन चीजों का निर्यात करता है।
भारत अफगानिस्तान से ये चीजें मंगवाता है
अफगानिस्तान के उत्पादकों का दक्षिण एशिया में सबसे बड़ा बजारा भारत है। इस लिस्ट में ड्राइ फ्रूट सबसे ऊपर है। अफगानिस्तान से भारत को मुख्य रूप से मेवे और फल मिलते हैं।

अफगानिस्तान भारत के लिए किशमिश, अखरोट, बादाम, अंजीर, पाइन नट, पिस्ता, सूखी खूबानी का निर्यात करता है। वहीं भारत अफगानिस्तान से ताजे फल जैसे अनार, सेब, चेरी, खरबूजा, तरबूजा और मसाले जैसे हींग, जीरा और केसर का भी आयात करता है।
अफगानिस्तान भारत के लिए खुबानी और चेरी फल भी भेजता है। इसके अलावा औषधीय जड़ी बूटियां भी भारत अफगानिस्तान से निर्यात करता है। सीम के नजदीक होने के कारण अफगानिस्तान भारत में जल्द इन उत्पादों का निर्यात कर देता है।
भारत ये भेजता है
भारत अफगानिस्तान को चाय और कॉपी भेजता है। इसके अलावा कपास और काली मिर्च का निर्यात भी करता है। इसके अलावा भारत की ओर से अफगानिस्तान में हजारों करोड़ की परियोजनाओं में निवेश किया गया है। इनमें से कई परियोजनाओं पर अभी काम जारी है।