नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने शनिवार (14 मई, 2022) को पार्टी छोड़ दी, जिसके कुछ दिनों बाद उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कारण बताओ नोटिस मिला था। लगभग 35 मिनट के लंबे फेसबुक लाइव में, पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख ने अपनी "दिल की बात" साझा की और घोषणा की कि वह पार्टी छोड़ रहे हैं।

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"गुड लक और अलविदा कांग्रेस," 'दिल टूट गया' जाखड़ ने सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली पार्टी से अलग होते हुए कहा। 68 वर्षीय नेता ने विभिन्न मुद्दों की ओर भी इशारा किया, जिनसे कांग्रेस गुजर रही है।

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पिछले महीने की शुरुआत में कांग्रेस अनुशासन समिति ने जाखड़ को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कारण बताओ नोटिस दिया था। पार्टी ने तब कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पंजाब इकाई के पूर्व प्रमुख को पार्टी के सभी पदों से हटाने का फैसला किया था।

पिछले साल अमरिंदर सिंह के सत्ता से बाहर होने के बाद जाखड़ मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे थे। पार्टी नेता अंबिका सोनी के बयान के बाद जाखड़ के मुख्यमंत्री बनने की संभावना कम हो गई थी।  जिन्होंने कहा था कि पार्टी को सिख चेहरे के साथ जाना चाहिए। 

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले जाखड़ ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की बार-बार आलोचना की थी और हाल ही में संपन्न राज्य विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी से कांग्रेस की हार के बाद उन्हें पार्टी के लिए एक दायित्व करार दिया था। उन्होंने पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी नेतृत्व की आलोचना की थी। 

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इससे पहले शिविर के पहले दिन शुक्रवार को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कार्यक्रम में आमंत्रित नेताओं को संबोधित किया था. पार्टी के एजेंडे में 'सांप्रदायिक ध्रुवीकरण', किसानों के मुद्दों और आगामी चुनावों के लिए पार्टी को मजबूत करने पर चर्चा है।