ट्रेन में सफर करने वाली महिला यात्रियों के (women passengers traveling in the train) लिए अच्छी खबर है. जल्द ही लंबी दूरी की ट्रेनों में उनके लिए आरक्षित बर्थ होंगे. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Railway Minister Ashwini Vaishnav) ने इस संबंध में घोषणा की है. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि लंबी दूरी की ट्रेनों में महिला पैसेंजरों की आरामदायक और सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए (Special berths and many facilities to ensure comfortable and safe travel of women passengers in long distance trains) भारतीय रेलवे ने स्पेशल बर्थ और कई सुविधाओं की शुरुआत की हैं.

कोटा सिर्फ महिलाओं के लिए लागू

रेल मंत्री ने कहा, लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर क्लास में छह बर्थ के साथ गरीब रथ, राजधानी, दुरंतो और एसी एक्सप्रेस ट्रेनों की 3एसी क्लास में इतनी ही बर्थ महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. उन्होंने कहा कि कोटा महिला सिर्फ महिलाओं के लिए लागू होगा. उनकी उम्र चाहे कुछ भी हो और वे अकेले या औरतों के ग्रुप के साथ यात्रा कर रही हों.

इतनी सीट होंगी आरक्षित

अश्विनी वैष्णव ने कहा, हर स्लीपर कोच में छह से सात लोअर बर्थ, 3एसी कोचों में चार से पांच लोअर बर्थ, 2एसी कोचों में तीन से चार बर्थ सीनियर सिटीजन, 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और गर्भवती महिला के लिए आरक्षित होंगी.

सुरक्षा के विशेष इंतजाम

इसके अलावा इस श्रेणी के लिए सीटों का आरक्षित कोटा ट्रेनों में कोचों की संख्या के अनुसार तय किया जाएगा. रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि ट्रेनों में महिलाओं और सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं.

मेरी सहेली पहल की शुरुआत

उन्होने कहा, पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत राज्य के विषय हैं. रेलवे सुरक्षा बल, सरकारी रेलवे पुलिस और जिला पुलिस को महिलाओं को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के लिए निर्देश दिए गए हैं. रेल मंत्री ने आगे कहा कि इंडियन रेलवे ने पिछले साल से एक स्पेशल पहल मेरी सहेली शुरू की है. जिसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करना है.