केंद्र सरकार ने उम्‍मीद के उलट पब्लिक प्रॉविडेंट फंड और पोस्‍ट ऑफिस सेविंग अकाउंट समेत सभी स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम में किए गए निवेश पर जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए मिलने वाले ब्‍याज की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। लिहाजा, पोस्‍ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में अब भी 4 फीसदी ब्‍याज मिलता रहेगा। वहीं, 1 से लेकर 5 साल के पोस्‍ट ऑफिस डिपॉजिट पर ब्‍याज की दर 5.5 से 6.7 फीसदी के बीच बनी रहेगी। इससे पहले उम्‍मीद की जा रही थी कि सरकारी बॉन्‍ड के यील्‍ड में गिरावट के कारण छोटी बचत योजनाओं में किए गए निवेश की ब्‍याज दरें जुलाई-सितंबर 2020 तिमाही के लिए घटाई जा सकती हैं। माना जा रहा था कि पीपीएफ की ब्‍याज दरें 46 साल बाद 7 फीसदी के नीचे जा सकती हैं।

सरकार की ओर से कहा गया है कि 5 साल के रिकरिंग डिपॉजिट (RD) पर 5.8 फीसदी की दर से ब्‍याज मिलेगा। वहीं, सीनियर सिटिजन सेविंग स्‍कीम में किए गए निवेश पर लोगों को 7.40 फीसदी की दर से ब्‍याज मिलेगा। इसके अलावा मंथली इनकम स्‍कीम (MIS) पर 6.6 फीसदी ब्‍याज मिलेगा। पीपीएफ पर पिछली तिमाही में 7.1 फीसदी की दर से ब्‍याज मिल रहा था। अब जुलाई-सितंबर 2020 तिमाही में भी निवेशकों को इतना ही ब्‍याज मिलता रहेगा। वहीं, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) में निवेश पर 6.8 फीसदी की दर से ब्‍याज मिलेगा।

किसान विकास पत्र पर निवेशकों को 6.9 फीसदी की दर से ब्‍याज की पेशकश की गई है, जो 124 महीने में मैच्‍योर हो जाएगा। सभी स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम में सबसे ज्‍यादा ब्‍याज सुकन्‍या समृद्धि योजना में किए गए निवेश पर मिलेगा। बेटियों के लिए शुरू की गई इस योजना में किए गए निवेश पर 7.6 फीसदी की दर से ब्‍याज मिलेगा। इसके उलट फाइनेंशियल सिस्‍टम में ज्‍यादा नकदी होने और लोन में कमी के कारण बैंक डिपॉजिट्स पर मिलने वाले ब्‍याज की दरों में बहुत ज्‍यादा कटौती की गई है। देश का सबसे बड़ेा कर्जदाता स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) 5 से 10 साल के फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट (FD) पर 5.4 फीसदी की दर से ब्‍याज दे रहा है।

केंद्र सरकार 2016 से तिमाही आधार पर स्‍मॉल सेविंग स्‍कीम पर मिलने ब्‍याज की समीक्षा करती है। इससे पहले ब्‍याज दरों में सालाना आधार पर बदलाव किया जाता था। अप्रैल-जून 2020 तिमाही में सरकार ने पीपीएफ पर मिलने वाले ब्‍याज की दर 0.8 फीसदी घटाकर 7.1 फीसदी कर दी थी यानी जनवरी-मार्च 2020 तिमाही में इस पर 7.9 फीसदी की दर से ब्‍याज मिल रहा था। बता दें कि ज्‍यादातर नौकरीपेशा इन स्‍कीमों में निवेश कर इनकम टैक्‍स में छूट का दावा भी करते हैं। वहीं, लॉकडाउन के कारण सरकार ने निवेश की अवधि 31 जुलाई 2020 तक बढ़ा दी है। यानी 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2020 के बीच किए निवेश पर लोग वित्‍त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्‍स छूट का लाभ ले सकते हैं।