1 जनवरी, 2020 और 1 जुलाई, 2020 को केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्तों की किस्त पर रोक लगा दी थी। इस रोक के कारण कर्मचारियों और पेंशनर्स को दोहरा नुक्सान हो रहा है एक तरह वह महंगाई की मार झेल रहे हैं दूसरी और 18 महीने से महंगाई भत्ता नहीं मिला है। ऐसे में एक 10 हजार की ग्रेड वाले सरकारी कर्मचारी को करीब 2.88 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। अगर सरकार बकाए समेत और बढ़े हुए DA समेत सरकारी कर्मचारियों को समय से पैसा दे तो 10,000 रुपए के ग्रेड पे वालों को अधिकतम 2.88 लाख रुपए की बकाया रकम मिल सकती है।

छह छह महीने की इन तीनों किस्त को जोड़ दिया जाए तो यह रकम 1,90,344 रुपए से लेकर 2,88,024 रुपए तक। यानी एक सरकारी कर्मचारी जो इस ब्रैकेट में आ रहा है उसे कुल 18 महीने 2.88 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है।

सरकारी कर्मचारियों को 17 फीसदी के हिसाब से मिल रहा था जिसे अबतक तीन बार बढ़ाया जा चुका है, हालांकि अभी तक बढ़ी हुई राशि मिली नहीं है। पहली बार डीए में जनवरी, 2020 में 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई थी। इसके बाद जून, 2020 में महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई थी। जनवरी, 2021 में भी महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई थी। इस कुल बढ़ोत्तरी के साथ अब केंद्रीय कर्मचारियों को 28 प्रतिशत दर के आधार पर महंगाई भत्ता मिलना चाहिए।

एक सरकारी कर्मचारी जिसकी ग्रेड सैलरी 10,000 रुपए के ब्रैकेट में आती है। यानी वो 144200 से 218200 रुपए की बैसिक पे के दायरे मे आता है। इस कंडीशन में अगर उस कर्मचारी का 1 जनवरी 2020 से जून 2020 तक की डीए की राशि 34608 से 52368 रुपए की बनती है। इसके बाद फिर अगले 6 महीने की किस्त जो 1 जुलाई 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक बनती है वो होती है 60564 रुपए से लेकर 91644 रुपए। चूकि डीए अभी तक बकाया है तो फिर अगले 7 महीने का बकाया जो 1 जनवरी 2021 से लेकर 30 जून 2021 तक होता है वो है 95172 रुपए से लेकर 144012 रुपए।