होमबायर्स (home buyers) को राहत को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. NCDRC यानी नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने कहा कि अगर कोई फ्लैट पूरी तरह तैयार नहीं है तो बिल्डर होमबायर्स को पोजेशन लेने के लिए दबाव नहीं बना सकता है. जब तक किसी फ्लैट के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं कर दिया जाता है, तब तक बिल्डर पोजेशन के लिए दबाव नहीं बना सकता है. इस फैसले से हजारों होमबायर्स को फायदा होगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, सी विश्वनाथ और रामसूरत राम मौर्य की बेंच ने बेंगलुरू आधारित एक रियल एस्टेट कंपनी को इस संबंध में आदेश जारी किया है. बेंच ने डेवलपर से कहा कि वह होमबायर को 3.5 करोड़ रुपए इंट्रेस्ट समेत वापस करे. दरअसल होमबायर ने एक विला खरीदा था, लेकिन उसने लोकल अथॉरिटी के कंप्लीशन सर्टिफिकेट के अभाव में पोजेशन लेने से इनकार कर दिया. बाद में उसने इसकी शिकायत NCDRC से की.

पैनल ने जांच में पाया कि उस विला का निर्माण दो साल लेट चल रहा था. इसके बावजूद कंस्ट्रक्शन का काम पूरा नहीं हो पाया था. हालांकि, बिल्डर चाहता था कि होमबायर उस पेपर पर साइन करे जिसमें यह लिखा हुआ है घर के निर्माण का काम पूरा हो चुका है. बायर ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था. बिल्डर ने साफ-साफ कहा था कि वह जब तक लिखित कागजात पर साइन नहीं करेगा तब तक उसे पोजेशन नहीं मिलेगा. इन विवादों के बाद होमबायर NCDRC का दरवाजा खटखटाया था.

सुमन कुमार झा और प्रतिभा झा ने साल 2013 में 3900 स्क्वॉयर फीट का एक विला बुक किया था. विला का निर्माण मंत्री टेक्नोलॉजी कंसल्टेशन प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से किया जाने वाला था. बिल्डर ने वादा किया था कि वह निर्माण काम 2015 तक पूरा कर लेगा और पोजेशन भी देगा. इस कपल ने विला को खरीदने के लिए सारी ईएमआई प्लान के मुताबिक चुकाई है.