विद्युत मंत्रालय ने गुरुवार को बिजली उत्पादक कंपनियों को तीसरे पक्ष को बिजली बेचने के लिए नियमों में संशोधन करने का प्रस्ताव पेश किया है। विद्युत मंत्रालय का कहना है कि इस प्रस्ताव के बाद लागत कम होगी और उपभोक्ताओं के लिए खुदरा शुल्क में कटौती भी हो सकती है। 

मंत्रालय ने गुरुवार को एक और प्रस्ताव अपने वेबसाइट डाला है, जिसमें देर से बिजली भुगतान अधिभार संशोधन नियम 2021 के मसौदा को जारी किया गया है।  मंत्रालय ने कहा है कि बिजली उत्पादन कंपनियों को तीसरे पक्ष को बिजली बेचने और उनकी लागत वसूल करने का विकल्प दिया जा रहा है।  इस सीमा तक वितरण लाइसेंस प्राप्त कंपनी का नियत लागत भार कम किया जाएगा। 

बता दें कि केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने वितरण लाइसेंसधारियों द्वारा भुगतान के लिए पहले आओ, पहले पाओ के सिद्धांत को अपनाकर पारदर्शिता लाने और वितरण के बोझ को कम करने का प्रस्ताव दिया है।  मंत्रालय ने एक मसौदा बिजली- देर से भुगतान अधिभार संशोधन नियम, 2021 पर लोगों की राय जानने के लिए इसे अपनी वेबसाइट पर डाल दिया है। 

विद्युत मंत्रालय ने विद्युत उपभोक्ताओं के लिए रिटेल टैरिफ को कम करने को लेकर वितरण लाइसेंस प्राप्त कंपनी के बोझ को कम करने की दिशा में एक और कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है।  उत्पादन कंपनियों को तीसरे पक्ष को बिजली बेचने और उनकी लागत वसूल करने का विकल्प दिया जा रहा है।  इस सीमा तक वितरण लाइसेंस प्राप्त कंपनी का नियत लागत भार कम किया जाएगा। 

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि प्रस्तावित संशोधन बिजली उपभोक्ताओं और समग्र रूप से बिजली क्षेत्र के हित में हैं।  विद्युत मंत्रालय ने पारदर्शिता लाने और वितरण लाइसेंस प्राप्त कंपनी के बोझ को कम करने के लिए लाइसेंस प्राप्त कंपनी द्वारा पहले बिल का भुगतान सबसे पहले और इसी क्रम में बाद के बिलों का भुगतान (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट) का सिद्धांत अपनाने का प्रस्ताव रखा।