केंद्र सरकार परेशानी मुक्त घरेलू हवाई यात्रा को सक्षम करने और उन यात्रियों के लिए अनिवार्य आरटी-पीसीआर रिपोर्ट की व्यवस्था को खत्म करने के बारे में सोच रही है, जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है। 

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री (MoCA) हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सहित कई मंत्रालयों और हितधारकों की एक संयुक्त टीम, उन लोगों के लिए आरटी-पीसीआर परीक्षण के बिना हवाई यात्रा की अनुमति देने पर अंतिम निर्णय लेने के लिए चर्चा कर रही है, जिन्होंने  वैक्सीन की दोनों खुराक प्राप्त की है।”  

उन्होंने कहा कि यह निर्णय अकेले MoCA द्वारा नहीं लिया जाएगा, सरकार के साथ काम कर रहे स्वास्थ्य विशेषज्ञों सहित नोडल एजेंसियां ​​भी यात्रियों के हित में निर्णय लेने में योगदान देंगी।

वर्तमान में, घरेलू यात्रियों को अनिवार्य रूप से कुछ राज्यों की यात्रा करने से पहले नकारात्मक आरटी-पीसीआर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा जाता है, जहां सक्रिय कोरोना के मामले अभी भी अधिक हैं। पुरी ने कहा, "स्वास्थ्य राज्य का विषय है। किसी राज्य में प्रवेश करने से पहले यात्रियों से नकारात्मक आरटी-पीसीआर रिपोर्ट मांगना पूरी तरह से उस विशेष राज्य का अधिकार है।"

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 'वैक्सीन पासपोर्ट' की अवधारणा पर भी विचार किया जा रहा है, जिस पर भारत ने आपत्ति जताई है और इसे 'भेदभावपूर्ण विचार' करार दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने जी7 देशों की बैठक में कहा, "महामारी के इस मोड़ पर भारत ने 'वैक्सीन पासपोर्ट' के लिए कड़ा विरोध व्यक्त किया। विकासशील देशों में आबादी के प्रतिशत के रूप में वैक्सीन कवरेज अभी भी विकसित देशों की तुलना में कम है। इस तरह की पहल अत्यधिक भेदभावपूर्ण साबित हो सकती है।"