नोएडा, गाजियाबाद समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में सब्जी और फलों की खेती करने वाले किसानों के जल्दी ही अच्छे दिन आने वाले हैं. बता दें कि दुनियाभर में स्थानीय सब्जी और फल बेचने वाला संयुक्त अरब अमीरात का LuLu Group International दिल्ली से सटे नोएडा में 500 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल फूड प्रोसेसिंग पार्क बना रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में बनने वाला ये फूड प्रोसेसिंग पार्क 20 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा. यह एक साल में बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा. इस पार्क ने न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में उगाई जाने वाले फल और सब्जियां खाड़ी देशों में निर्यात की जाएगी बल्कि इससे सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक फूड पार्क शुरू होने के बाद 700 लोगों को प्रत्यक्ष और करीब 1500 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.

इस फूड पार्क की स्टोरेज कैपेसिटी 20 हजार मैट्रिक टन होगी, जहां फल, सब्जी से लेकर दूध और दूध से बने अन्य प्रोडक्ट्स भी रखे जाएंगे. इसके अलावा इस फूड प्रोसेसिंग पार्क में रेडी टू ईट कृषि उत्पादों को भी स्टोर किया जाएगा. फिर ऑर्डर मिलने पर सारा सामान यहीं से निर्यात कर दिया जाएगा.

स्टोरेज की सुविधा मिलने से दिल्ली-एनसीआर के किसानों की उपज जल्दी खराब नहीं होगी और खाड़ी देशों को बेचने पर अच्छे पैसे भी मिलेंगे. ग्रेटर नोएडा में बनने वाला ये फूड पार्क किसानों के नुकसान में कटौती करेगा और मुनाफे में बढ़ोतरी करेगा. लिहाजा, किसानों को इस फूड प्रोसेसिंग पार्क से जदबरदस्त फायदे मिलने वाले हैं.

दिल्ली-एनसीआर के किसानों के लिए ये फूड प्रोसेसिंग पार्क एक वरदान साबित होगा. फूड पार्क को लेकर ग्रुप ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और बताया कि उनका प्रयास रहेगा कि इसे अगले 8 महीनों में शुरू भी कर दिया जाए.

इससे लौकी, तोरई, भिंडी, बैंगन, अरबी, टमाटर, मिर्च जैसी फसलें उगाने वाले किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए एक विशाल और अंतरराष्ट्रीय स्तर का बाजार मिल जाएगा. बता दें कि ये ग्रुप दुनियाभर में करीब 20 हजार टन स्थानीय फल और सब्जियां बेचता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फूड पार्क से करीब 3 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होगा.