सोना खरीदना अब हर किसी के बस की बात नहीं रही है। क्योंकि एक बार फिर सोने की चमक काफी बढ़ी है। दिन की शुरुआत सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ हुई है। सोमवार को 5 अगस्त की डिलीवरी वाला जो सोना 49,027 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था, वह आज 51 रुपये की बढ़त के साथ 49,078 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। कारोबार के चंद मिनटों में ही सोने में 100 रुपये से भी अधिक की बढ़त देखने को मिली। सुबह के चंद मिनटों के ही कारोबार में एक वक्त ऐसा आया जब सोने ने 49,169 अंकों का उच्चतम और 49036 अंकों का निम्नतम स्तर छू लिया।
हाजिर बाजार की कमजोर मांग के कारण व्यापारियों ने अपने सौदों की कटान की जिससे वायदा बाजार में सोमवार को सोना 0.05 प्रतिशत की हानि के साथ 48,944 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अगस्त महीने में डिलीवरी सोना अनुबंध की कीमत 23 रुपये यानी 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 48,944 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इसमें 8,059 लॉट के लिये कारोबार हुआ। सोना के अक्टूबर महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 87 रुपये यानी 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49,020 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इसमें 11,500 लॉट के लिये कारोबार हुआ। न्यूयॉर्क में सोना 0.03 प्रतिशत की हानि के साथ 1,809.50 डॉलर प्रति औंस रह गया।
कमजोर वैश्विक रुख के कारण सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 31 रुपये गिरकर 49,916 रूपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इससे पूर्व के कारोबारी सत्र में सोना 49,947 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी भी 51 रुपये के नुकसान के साथ 53,948 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। शुक्रवार को इसका बंद भाव 53,999 रुपये रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मामूली गिरावट दर्शाता 1,809 डॉलर प्रति औंस पर बोला गया जबकि चांदी 19.32 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा कि सोने की कीमतों में मामूली गिरावट रही और अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में इसका भाव 1,809 डॉलर बोला जा रहा था।
गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में चालू साल 2020 की पहली छमाही में शुद्ध रूप से 3,500 करोड़ रुपये का निवेश आया है। कोविड-19 संकट के बीच निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों में अपना निवेश घटाकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं जिसके चलते गोल्ड ईटीएफ का आकर्षण बढ़ा है। इससे पिछले साल की समान छमाही यानी जनवरी-जून, 2019 के दौरान निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ से 160 करोड़ रुपये की निकासी की थी। पिछले करीब एक साल से यह इस श्रेणी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, अगस्त, 2019 से गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध रूप से 3,723 करोड़ रुपये का निवेश आया है। इस साल 30 जून को समाप्त छमाही में गोल्ड ईटीएफ को शुद्ध रूप से 3,530 करोड़ रुपये का निवेश मिला।
देश में सोने का आयात चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 94 प्रतिशत घटकर 68.8 करोड़ डॉलर या 5,160 करोड़ रुपये पर आ गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी मिली है। सोना आयात देश के चालू खाते के घाटे (कैड) को प्रभावित करता है। कोविड-19 महामारी की वजह से सोने की मांग में गिरावट आई है, जिससे सोने का आयात भी नीचे आ गया है। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में पीली धातु का आयात 11.5 अरब डॉलर या 86,250 करोड़ रुपये रहा था। इसी तरह आलोच्य तिमाही के दौरन चांदी का आयात भी 45 प्रतिशत घटकर 57.5 करोड़ डॉलर या 4,300 करोड़ रुपये रह गया।
सोने और चांदी के आयात में कमी से अप्रैल में देश का व्यापार घाटा (आयात और निर्यात का अंतर) कम होकर 9.12 अरब डॉलर रह गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 45.96 अरब डॉलर था। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि व्यापार घाटा कम होने से भारत ने जनवरी-मार्च की तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 0.1 प्रतिशत या 60 करोड़ डॉलर का चालू खाते का अधिशेष दर्ज किया। एक साल पहले समान अवधि में 4.6 अरब डॉलर या जीडीपी का 0.7 प्रतिशत का चालू खाते का घाटा दर्ज हुआ था। पिछले साल दिसंबर से सोने का आयात लगातार घट रहा है। मार्च में सोने का आयात 62.6 प्रतिशत, अप्रैल में 99.93 प्रतिशत, मई में 98.4 प्रतिशत और जून में 77.5 प्रतिशत घटा था। भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का आयातक है। यहां मुख्य रूप से आभूषण उद्योग के लिए सोने का आयात किया जाता है। भारत सालाना 800 से 900 टन सोने का आयात करता है।