भीलवाड़ा के एक व्यक्ति से मध्यकालीन युग में लिखी एक कुरान की पुस्तक छीनकर भागे बदमाश को माणक चौक थाना पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से स्वर्ण अक्षरों से लिखी ऐतिहासिक महत्व की कुरान शरीफ बरामद की है। आरोपी भीलवाड़ा और चंदवाजी में भी वांछित है। डीसीपी (उत्तर) डॉ राजीव पचार ने बताया कि जयपुर कमिश्नरेट में एंटीक कुरान शरीफ की किताब बेचे जाने की सूचना मिली थी। इस पर एडिशनल डीसीपी सुमित गुप्ता और थानाधिकारी जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम को पता चला कि यह पुस्तक भीलवाड़ा में किसी व्यक्ति के पास थी, जिसका सौदा करने के बहाने जयपुर आमेर थाना और जमवारामगढ़ इलाके के 5-6 बदमाश भीलवाड़ा गए और उस व्यक्ति के साथ मारपीट पुस्तक छीनकर ले आए।

बाईजी का खंदा के पास पकड़ा

पुलिस ने बताया कि आरोपी बनवारी के लिए काफी समय से पीछा कर जानकारी जुटाई गई। एएसआई हरिओम को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति प्राचीन पुस्तक का सौदा करने के लिए बाईजी का खंदा के पास घूम रहा है। इस पर पुलिस ने चौड़ा की ढाणी तन राहोरी जमवारामगढ़ निवासी बनवारी (29) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से कुरान शरीफ की पुस्तक बरामद कर ली। आरोपी बनवारी लाल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने स्वर्ण अक्षर से लिखी कुरान का सौदा बांग्लादेश की एक पार्टी से 16 करोड़ रुपए में किया था। सौदा होने से पहले ही उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद वह साथियों के साथ फरार हो गया। बनवारी का एक साथी खेमा उर्फ खेमचंद पूर्व में पुलिस थाना माणक चौक में आम्र्स एक्ट में गिरफ्तार हो चुका है। उसके कब्जे से 4,77,50,000 रुपए के फर्जी नोट बरामद किए गए थे।

500 साल पुरानी, स्वर्ण अक्षरों से लिखी

पुलिस ने बताया कि परिवादी योगेन्द्र सिंह मेहता के भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ किले में पांच सौ साल से अधिक समय पूर्व उनके पूर्वज मुगलों के यहां काम करते थे। तब उसके पूर्वजों को अन्य बेशकीमती वस्तुओं के साथ यह कुरान भेंट में मिली थी। कुरान स्वर्ण अक्षरों से लिखी है। इसमें 1015 पेज है। यह अरबी भाषा में लिखी है। पुलिस का मानना है कि अरब देशों में इसकी कीमत करोड़ों में है। 12 सितंबर, 2019 को कंचन विहार मोती बावजी चौराहा निवासी योगेन्द्रसिंह मेहता ने सुभाषनगर थाने में मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट में बताया कि उसके पास पूर्वजों की रखी स्वर्ण अक्षरों से लिखी कुरान थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर बेशकीमती कुरान को बेचना चाहता था। इसके लिए उसने बीस साल से परिचित जयपुर निवासी दीनदयाल योगी को बताया।

जयपुर के परिचित ने मिलवाया था

उसका परिचित दीनदयाल अपने एक जानकार राकेश हलदार को लेकर भीलवाड़ा आया और दस लाख में पुस्तक का सौदा किया। उसके बाद वह बार-बार फोन कर किताब को जयपुर लाकर देने को कहने लगा। इस पर परिवादी ने सौदे से मना कर दिया। इसके बाद वह ओमप्रकाश सैनी नाम के व्यक्ति को साथ लेकर भीलवाड़ा आया। गाड़ी में पांच लोग सवार थे। रात में पेशगी दी और सवेरे किताब लेकर सुखाडिया सर्किल के निकट बुलाया। परिवादी वहां पहुंचा तो आरोपियों ने मारपीट कर किताब छीन ली और फरार हो गए।

दो हो चुके गिरफ्तार, तीन की थी तलाश

सुभाषनगर पुलिस ने मामले में आमेर निवासी शुभम बुनकर और खेमचंद बुनकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तीन आरोपियों की तलाश थी। इस बीच आमेर निवासी बनवारीलाल मीणा को माणक चौक पुलिस ने दबोच लिया तो बुधवार रात को सुभाषनगर थाने से टीम जयपुर पहुंच गई।

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