गोल्ड हॉलमार्किंग को लागू करने की तारीख को लेकर खुशखबरी है कि इसें एक बार फिर आगे बढ़ा दिया गया है। जनवरी में नोटिफिकेशन जारी हुआ था कि गोल्ड ज्वेलरी पर अनिवार्य हॉलमार्किंग 15 जनवरी 2021 से लागू होगी। लेकिन अब इसको लागू करने की तारीख 1 जुलाई 2021 कर दी गई है, यानी ज्वेलर्स को 6.5 महीने का और वक्त मिल गया है।
दरअसल ज्वेलर्स को BIS के तहत एक तय समय के अंदर खुद को रजिस्टर्ड कराना था, लेकिन काफी ज्वेलर्स वक्त पर खुद को रजिस्टर्ड नहीं करवा पाए। ज्वेलर्स ने सरकार से डेडलाइन को बढ़ाने की मांग की, सरकार ने डेडलाइन को उस समय बढ़ाकर 1 जून 2021 कर दिया था। ज्वेलर्स की दलील थी कि इतने कम वक्त में मौजूदा स्टॉक को लिक्विडेट करना आसान नहीं हैं। इसके लिए कम से कम एक साल की मोहलत मिलनी चाहिए।
अगर कोई ज्वेलर बिना हॉलमार्क वाला गोल्ड बेचते हुए पकड़ा गया तो उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है, साथ ही एक साल की जेल भी हो सकती है। गोल्ड हॉलमार्किंग में 14, 18, 22 कैरेट के गोल्ड की बिक्री होगी। सरकार गोल्ड हॉलमार्किंग को लेकर पूरी तरह से तैयार है, लेकिन छोटे ज्वेलर्स में हॉलमार्किंग नियमों को लेकर अब भी जागरूकता कम है।
जब आप किसी ज्वेलर से गोल्ड ज्वेलरी खरीदते हैं तो आपको पता नहीं होता कि वो कितना शुद्ध है। इसलिए सरकार ने गोल्ड हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने का ऐलान किया. हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता जानने का एक तरीका है। BIS (Bureau of Indian Standards) सोने की शुद्धता का सर्टिफिकेट देता है। हॉलमार्क वाली ज्वेलरी पर BIS की मुहर लगी होती है. ज्वेलरी हॉलमार्किंग पर कई तरह की जानकारियां लिखी होती हैं। जैसे, ज्वेलरी किस साल बनी है और हॉलमार्किंग किस साल हुई, हॉलमार्किंग का सेंटर क्या था, शुद्धता कितने कैरेट की है.।