वाडिया ग्रुप की करीब 15 वर्ष पुरानी विमानन कंपनी 'गो एयर' ने री-ब्रांडिंग करते हुए नाम में भी बदलाव किया है।  विमानन कंपनी 'गो एयर' अब 'गो फर्स्ट' के नाम से जाना जायेगा।  कंपनी का फोक अब यूएलसीसी पर है, यानी, अल्ट्रा लो कॉस्ट कॅरियर।  यह जानकारी कंपनी ने ट्वीट कर दी है। 

कंपनी ने ट्वीट कर बताया है कि ''गोएयर अब गो फर्स्ट! चाहे वह आपकी सुरक्षा हो, आपका समय हो, या आपकी सहूलियत हो - 'गो एयर' पर आप हमेशा पहले आओ! अल्ट्रा-लो-कॉस्ट किराये पर अगली पीढ़ी के बेड़े के लाभों का अनुभव करें, ताकि आपकी यात्रा योजनाओं में कभी बाधा न आये।  हम आपको जल्द ही बोर्ड पर देखने की उम्मीद करते हैं!''

मालूम हो कि कंपनी के बेड़े में अभी करीब 50 विमान हैं।  कोरोना महामारी के काल में विमानन सेक्टर को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।  इसमें आर्थिक नुकसान भी हुआ है।  इनसे उबरने के लिए कंपनी अब लो कॉस्ट बिजनेस मॉडल को अपनाने का निर्णय किया है। 

बताया जाता है कि 'गो एयर' पब्लिक इश्यू लाकर प्राइमरी मार्केट से पूंजी जुटाने की तैयारी में है।  इसके लिए कंपनी ने बाजार नियामक सेबी के पास दस्तावेज भी जमा कराये हैं. बताया जाता है कि पब्लिक इश्यू के जरिये 3600 करोड़ रुपये जुटाने की कंपनी की योजना है। 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पब्लिक इश्यू सितंबर, 2021 तक लॉन्च किया जा सकता है। कंपनी आइपीओ के जरिये मिले फंड का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में करेगी।