दुनिया भर में पॉपकॉर्न से लेकर श्रीरचा सॉस तक कमी की वजह से रेस्टोरेंट और किराने का कारोबार प्रभावित हुआ है। इस गर्मी के सीजन में इन चीजों की कमी इस बात के संकेत दे रही है कि दुनिया भर में सप्लाई चेन अभी भी रूकी हुई है। पिछले कुछ महीनों में कई खाद्य पदार्थ काफी महंगे हो गए। इनमें ऑस्ट्रेलिया में सलाद पत्ता, जापान में प्याज और सलामी और जर्मनी में बीयर की कीमतों में भारी इजाफा हुआ। परेशानी की बात ये है कि महंगे होने के बावजूद ये बेहद ही मुश्किल से उपलब्ध हो रहे हैं।

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खबर है कि आमतौर पर समस्या प्रोडक्ट की उपलब्धता की नहीं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन की है। इसकी वजह से जरूरत की चीजें लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। खराब मौसम से लेकर कोविड महामारी, जियोपॉलिटिकल टेंशन और रिबाउंडिंग डिमांड की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।  

जब निर्माता पर्याप्त कांच की बोतलें और एल्यूमीनियम के कैन नहीं बना सकते हैं, तो जाहिर सी बात है कि सोडा और बीयर जैसी चीजों के कारोबार पर प्रभाव पड़ेगा। शिपिंग कंटेनर की कमी और तंग लेबर मार्केट ने सप्लाई चेन की समस्या को और बढ़ा दिया है। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से अनाज और खाना पकाने के तेल की सप्लाई में कटौती हुई है। इस वजह से खाने-पीने वाली चीजें और महंगी हुई हैं। इसके अलावा ऊर्जा की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है।

इस समय श्रीराचा सॉस की भारी कमी देखने को मिल रही है। प्रतिष्ठित सॉस के निर्माता, ह्यू फोंग फूड्स इंक को मिर्च की कमी के कारण उत्पादन को बंद करना पड़ा है। बोतलों की कमी ने जर्मनी में बीयर पीने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और ये रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध की वजह से हुआ है।

जर्मनी में यूक्रेन कांच की सप्लाई करता था। अब शराब-प्रेमी देश में शराब बनाने वाले, जो पहले से ही बिजली और जौ के लिए अधिक भुगतान कर रहे हैं। अब वो अपने ग्राहकों से खाली बोतल वापस करने को कह रहे हैं। कांच की कमी के कारण नई बोतल का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इस वजह से बीयर की नई खेप मार्केट में नहीं पहुंच पा रही है। इसलिए कंपनी ने ग्राहकों से कहा कि वो बीयर पीकर बोतल वापस कर दें, ताकि फिर से उसे इस्तेमाल किया जा सके।

अमेरिका में पॉपकॉर्न की कमी भी फिल्म देखने वालों के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि गर्मियों के सीजन में लाखों लोग सिनेमाघरों में जाते हैं। किसान अधिक आकर्षक फसलों पर स्विच करने के लिए मक्के की खेती करना छोड़ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में सलाद पत्ता की कीमतों में इजाफा हुआ है। सलाद पत्ता उपलब्ध नहीं होने की वजह से केएफसी ने अपने बर्गर में पत्ता गोभी का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ब्रिटेन में मैकडॉनल्ड्स को टमाटर की दो स्लाइस की जगह एक ही स्लाइस अपने बर्गर में इस्तेमाल करना पड़ रहा। ग्रीनहाउस को गैस से गर्म करने की लागत बढ़ी है। इस वजह से ब्रिटेन में टमाटर का भाव बढ़ा है।

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मैकडॉनल्ड्स द्वारा कई देशों में फ्राइज की बिक्री रोकने के बाद दुनिया में आलू की कमी ने सुर्खियां बटोरीं। सप्लाई चेन धीरे होने की वजह से आलू की कमी हुई थी। जापान में प्याज से लेकर सलामी तक की कमी थी। इसकी वजह से रेस्टोरेंट्स को अपने मेन्यू में से कई डिस हटाने पड़े थे।