केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा पश्चिम बंगाल के उत्तरी पर्वतीय इलाके में दो महीने से चल रहे अनिश्चितकालीन बंद को खत्म करने का आह्वान करने के बाद सोमवार को गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के अध्यक्ष बिमल गुरुंग ने पार्टी की युवा इकाई को भूख हड़ताल खत्म करने का निर्देश दिया।

जीजेएम ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंगलवार को 12 घंटे के लिए दार्जिलिंग और कलिमपोंग में सड़कों पर धरने पर बैठे पार्टी कार्यकर्ताओं को वापस बुलाने का फैसला किया है। हालांकि उनका कहना है कि बंद अभी जारी रहेगा।

गुरुंग ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'गृहमंत्री ने जीजेएम और गोरखालैंड आंदोलन से जुड़े अन्य साझेदारों से आग्रह किया था। मेरा भी यही मानना है कि उनके अनुरोध को स्वीकार कर लेना चाहिए और गोरखालैंड के अपने लक्ष्य को पाने की दिशा में अगला कदम उठाते हुए हमने अपनी युवा मोर्चा से भूख हड़ताल खत्म करने के लिए कहा है।'

गुरुंग ने यह भी बताया कि 30 पहाड़ी दलों को मिलाकर गठित गोरखालैंड आंदोलन समन्वय समिति (जीएमसीसी) ने भी युवा मोर्चा से भूख हड़ताल खत्म करने के लिए कहा है।

जीजेएम की युवा इकाई 'युवा मोर्चा' के दर्जनों कार्यकर्ता अलग गोरखालैंड राज्य बनाने की मांग को लेकर बीते 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

जीजेएम के महासचिव बिनय तमांग ने आईएएनएस से कहा, 'भूख हड़ताल पर बैठे सभी 12 कार्यकर्ताओं की हालत नाजुक है। उनमें से दो कार्यकर्ताओं को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, क्योंकि उनका रक्तचाप बेहद नीचे चला गया था।'

उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार को सड़कों पर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को 12 घंटे के लिए वापस बुला लिया जाएगा।

एक दिन पहले रविवार को नई दिल्ली में राजनाथ सिंह ने जीजेएम नेताओं और जीएमसीसी के सदस्यों के साथ दो घंटे तक बैठक की थी, जिसमें उन्होंने हिंसा बंद करने और कानून के दायरे में बातचीत के जरिए समाधान हासिल करने का आग्रह किया था।