राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के सदस्यों ने दार्जिलिंग की दयनीय हो रही हालात के मद्देनजर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से 12 अकबर रोड अतीत उनके निवास पर मुलाकात की। 

इस बैठक में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की तरफ से महासचिव रोशन गिरी, स्वराज थापा, डीके प्रधान, तिलक चंद्र रोका, पीटी ओला शामिल रहे। इन सभी के साथ दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया भी बैठक में विशेष तौर से मौजूद रहे। 

करीब 30 मिनट चले इस बैठक में मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने गोरखालैंड में जारी आंदोलन को सही दिशा में ले जाने एवं अनिश्चितकालीन हड़ताल को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए जल्द त्रिपक्षीय वार्ता बुलाने की बात गृहमंत्री के सामने रखी। 

उन्होंने आगे कहा कि लंबे समय से गोरखा समाज की लंबित पड़ी हुई मांगों पर जल्द से जल्द गौर फरमाते हुए इसका समाधान निकालना चाहिए। सभी सदस्यों ने इसके अलावा तत्काल केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करते हुए 96 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन बंद को समाप्त करने की भी बात कही। 

उन्होंने कहा कि मोर्चा को उम्मीद है कि जल्द ही इस मुद्दे पर कोई ठोस नतीजा सामने आएगा। इसके अलावा मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री को पश्चिम बंगाल सरकार शासन के द्वारा पुलिसिया अत्याचार के बारे में भी अपनी चिंता व्यक्त की। साथ ही उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर के नाम पर संवैधानिक आंदोलन को दमनपूर्ण तरीके से कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। 

गोरखालैंड की मांग पर चल रहा आंदोलन पूर्ण रूप से संवैधानिक है एवं पश्चिम बंगाल सरकार इस आंदोलन को हर संभव कोशिश करके समाप्त करना चाहती है।

इसके अलावा दार्जिलिंग स्थित मोर्चा सुप्रीमो बिमल गुरुंग के निजी आवास को भी बुरी तरह से नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना है। वहीं उनके एक वाहन को जलाए जाने की भी सूचना मिल रही है।